रांची : अपहर्ताओं की तलाश में दोबारा हाजीपुर पहुंची रांची पुलिस, एक हिरासत में

रांची : चतरा के हंटरगंज निवासी अपहृत युवराज सिंह को बरामद करने के लिए रांची पुलिस एक टीम फिर से हाजीपुर पहुंची. हाजीपुर पहुंचने के बाद टीम ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी शुरू कर दी है. पुलिस ने अपहरण में शामिल एक और संदिग्ध आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है. उसने पुलिस […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 23, 2018 12:18 AM
रांची : चतरा के हंटरगंज निवासी अपहृत युवराज सिंह को बरामद करने के लिए रांची पुलिस एक टीम फिर से हाजीपुर पहुंची. हाजीपुर पहुंचने के बाद टीम ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी शुरू कर दी है. पुलिस ने अपहरण में शामिल एक और संदिग्ध आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है.
उसने पुलिस को बताया कि पूर्व में युवराज सिंह उसके पास था, लेकिन वह कुछ दिनपूर्व युवराज सिंह को एक अपराधी को सौंप चुका है, जिसका पूर्व में चंदन सोनार गिरोह से संपर्क रहा था. वर्तमान में युवराज सिंह कहीं चंदन सोनार के कब्जे में तो नहीं है? इस बिंदु पर जानकारी एकत्र करने के साथ-साथ अपहरण की घटना में शामिल अन्य लोगों की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है. एक सीनियर पुलिस अधिकारी के अनुसार, अपहरणकर्ताओं ने पहले 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी. बाद में 20 लाख में सौदा तय किया था.
उल्लेखनीय है कि युवराज सिंह वर्तमान में नगड़ाटोली स्थित शंकर लॉज में रहता था. वह योगदा सत्संग कॉलेज से इंटर करने के साथ-साथ धुर्वा में क्रिकेट की कोचिंग भी करता था.
कोचिंग के दौरान ही उसका परिचय हाजीपुर निवासी शंकर तिवारी नामक युवक से हुआ था. युवराज अपने दोस्त के सहयोग से अपने दादा को रिटायरमेंट में मिले पैसे हासिल करना चाहता था. इसलिए अपहरण की झूठी कहानी रचने के लिए वह अपने दोस्त के पास हाजीपुर चला गया, लेकिन वहां जाने के बाद उसका अपहरण कर लिया गया और परिजनों से फोन पर फिरौती की राशि मांगी गयी.
युवराज के अपहरण को लेकर लालपुर थाना में 28 अगस्त को केस दर्ज हुआ था. पुलिस इस केस में हाजीपुर के चार युवक शंकर तिवारी, प्रतीक तिवारी, अर्जुन सिंह चंद्रवंशी और हाजीपुर के जौहरी बाजार निवासी कासीराय को हाजीपुर से गिरफ्तार कर रांची लाने के बाद 21 सितंबर को न्यायिक हिरासत में जेल भेज चुकी है.