रांची : एचइसी ने पॉलवर्थ, सेल और मेकन के साथ किया एमओयू
भुवनेश्वर में इस्पात मंत्रालय और डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक इंटरप्राइजेज ने आयोजित की कार्यशाला रांची : एचइसी ने कोक ओवेन मशीन के लिए उपकरण बनाने के लिए जर्मनी की कंपनी पॉलवर्थ के साथ समझाैता किया है. एमओयू पर एचइसी की ओर से निदेशक विपणन राणा एस चक्रवर्ती व पॉलवर्थ की ओर से चीफ एग्जिक्यूटिव जॉर्ज राफेल […]
भुवनेश्वर में इस्पात मंत्रालय और डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक इंटरप्राइजेज ने आयोजित की कार्यशाला
रांची : एचइसी ने कोक ओवेन मशीन के लिए उपकरण बनाने के लिए जर्मनी की कंपनी पॉलवर्थ के साथ समझाैता किया है. एमओयू पर एचइसी की ओर से निदेशक विपणन राणा एस चक्रवर्ती व पॉलवर्थ की ओर से चीफ एग्जिक्यूटिव जॉर्ज राफेल ने हस्ताक्षर किया. वहीं, दो एमओयू सेल के साथ किया गया.
इसके तहत एचइसी हैवी कास्टिंग, फोर्जिंग, फैब्रिकेशन और कोक ओवन बैटरी मशीन के लिए मेक इन इंडिया के तर्ज पर कार्य करेगा. इसके अलावा मेकन के साथ हुए एमओयू में दोनों कंपनियां मिलकर संयुक्त रूप से एसजी आयरन स्लेब कूलर, पैलेट कार और बीओएफ कंवटर बनायेंगी.
एचइसी के कंपनी सचिव अभय कंठ ने बताया कि मंगलवार को भुवनेश्वर में इस्पात मंत्रालय और डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक इंटरप्राइजेज भारत सरकार के द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में इस्पात मंत्री चौधरी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि वर्तमान में देश में 138 मिलियन टन इस्पात का उत्पादन होता है, जिसे 2030-31 तक 300 मिलियन टन प्रतिवर्ष करने का लक्ष्य रखा गया है. आर्थिक विकास की गति को तेज रखने के लिए आधारभूत संरचना का तेजी से भी विकास आवश्यक है. इसके लिए 128 बिलियन अमेरिकी डाॅलर के निवेश की जरूरत होगी. इसमें लगभग 25 बिलियन यूएस डॉलर की आवश्यकता जरूरी उपकरणों के आयात के लिए होगी. देश के कई स्टील प्लांट में आधुनिकीकरण का कार्य चल रहा है.
इसमें एचइसी जैसी कंपनियां मेक इन इंडिया के तहत महती भूमिका निभा सकती है. कार्यशाला में भारी उद्योग मंत्री अनंत गिते, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, एचइसी के सीएमडी अभिजीत घोष मुख्य रूप से उपस्थित थे.