रांची : बकाया न मिलने के कारण डीवीसी कमांड एिरया में सात घंटे की लोड शेडिंग शुरू

रांची : डीवीसी को बकाया न मिलने की वजह से कमांड एरिया के हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो व पूर्वी सिंहभूम के मुसाबनी में मंगलवार की रात से सात-सात घंटे की लोड शेडिंग शुरू कर दी गयी है.शुरू में कहा गया था कि डीवीसी शेडिंग नहीं करेगा, लेकिन डीवीसी द्वारा 27 नवंबर से पहले ही […]

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रांची : डीवीसी को बकाया न मिलने की वजह से कमांड एरिया के हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो व पूर्वी सिंहभूम के मुसाबनी में मंगलवार की रात से सात-सात घंटे की लोड शेडिंग शुरू कर दी गयी है.शुरू में कहा गया था कि डीवीसी शेडिंग नहीं करेगा, लेकिन डीवीसी द्वारा 27 नवंबर से पहले ही शेडिंग की चेतावनी दी गयी थी. अब भुगतान न होने से शेडिंग शुरू कर दी गयी है.
इधर, मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने डीवीसी व झारखंड बिजली वितरण निगम के मुद्दे को लेकर बुधवार को बैठक की. बैठक में विकास आयुक्त सह झारखंड ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी डीके तिवारी, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, ऊर्जा सचिव वंदना डाडेल व वितरण निगम के एमडी राहुल पुरवार उपस्थित थे. बैठक में डीवीसी के मुद्दे पर भी बात हुई. कहा गया कि उदय स्कीम से वितरण निगम को विशेष लाभ नहीं हुआ है, वजह है कि बकाये राशि को ऋण के रूप में कर दिया गया है.
दूसरी ओर डीवीसी हर माह 150 करोड़ रुपये की बिजली दे रहा है. मुख्य सचिव ने कहा कि केंद्र सरकार से इसे ग्रांट के रूप में करने का आग्रह किया जा सकता है. जहां तक प्रति माह डीवीसी के बिजली बिल की बात है, तो वितरण निगम हर माह 100 करोड़ रुपये देना सुनिश्चित करे, ताकि डीवीसी लोड शेडिंग नहीं करे.
सरकार द्वारा दी जानेवाली सब्सिडी पर भी हुई बात : बैठक में सरकार द्वारा दीजानेवाली सब्सिडी पर भी बात हुई. कहा गया कि हर माह लगभग 52 करोड़ रुपये सब्सिडी सरकार द्वारा दी जानी है. लेकिन, राशि का भुगतान नहीं हुआ है. तब कहा गया कि बजट में सब्सिडी का प्रावधान नहीं था. शीतकालीन सत्र में इसके लिए कुछ किया जा सकता है. ट्रांसफारमर के लिए भी बजट में 500 करोड़ रुपये के प्रावधान की बात कही गयी.
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