रांची : हाइकोर्ट में गुरुवार को दूसरे राज्यों से डीजल खरीदने पर फॉर्म-सी जारी नहीं करने संबंधी राज्य सरकार के सर्कुलर को चुनौती देनेवाली याचिकाअों पर सुनवाई हुई. जस्टिस डीएन पटेल व जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दाैरान अंतरिम आदेश का अनुपालन नहीं होने को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी को अंतरिम आदेश का अनुपालन कराने का आदेश दिया. फॉर्म-सी निर्गत करने का निर्देश दिया.
खंडपीठ ने कहा कि जब तक व्यवसायियों को फॉर्म-सी निर्गत नहीं कर दिया जाता है, तब तक वाणिज्यकर विभाग के सचिव के वेतन भुगतान पर रोक रहेगी. मामले की अगली सुनवाई आठ जनवरी को होगी. इससे पूर्व प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता सुमित गड़ोदिया ने खंडपीठ को बताया कि दूसरे राज्यों के हाइकोर्ट ने संबंधित राज्य सरकार द्वारा जारी सर्कुलर को निरस्त कर दिया है.
झारखंड में फॉर्म-सी जारी करने संबंधी हाइकोर्ट के अंतरिम आदेश का अब तक अनुपालन नहीं किया गया है. फॉर्म-सी निर्गत नहीं किया जा रहा है. इस कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. हाइकोर्ट ने 17 मई 2018 को राज्य सरकार के सर्कुलर को स्टे करते हुए फॉर्म-सी निर्गत करने का आदेश दिया था. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी मेसर्स टाटा स्टील लिमिटेड व अन्य की अोर से अलग-अलग याचिका दायर की गयी है.
कहा गया है कि फॉर्म-सी मिलने पर व्यवसायी को दो प्रतिशत टैक्स देना पड़ता है, जबकि फॉर्म-सी नहीं रहने पर 22 प्रतिशत टैक्स का भुगतान करना पड़ता है. झारखंड सरकार ने जीएसटी लागू होने के बाद एक सर्कुलर जारी किया कि वह दूसरे राज्यों से डीजल खरीदने के लिए फॉर्म-सी जारी नहीं करेगी. पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़, राजस्थान आदि राज्यों ने भी इसी तरह का सर्कुलर जारी किया, जिसे संबंधित हाइकोर्ट में व्यापारियों ने चुनौती दी थी.