स्पीकर को इस्तीफा दे देना चाहिए, मुख्यमंत्री ही स्पीकर बन जायें, सरकार को आईना िदखायेगी जनता : हेमंत
सदन में सोमवार को जेपीएससी मुख्य परीक्षा का मामला गर्म रहा. सदन की कार्यवाही नहीं चली. जेपीएससी मुख्य परीक्षा में अनियमितता का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने सदन को नहीं चलने दिया. विपक्षी विधायकों ने सरकार को घेरा. जेपीएससी मुख्य परीक्षा को स्थगित करने की मांग की. वहीं सत्ता पक्ष के कुछ विधायकों ने भी इस पर सवाल उठाये. सदन में गतिरोध बना रहा.
रांची : प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन ने सदन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सदन में स्पीकर भी चिंतित हैं. वह गंभीर हैं. विपक्ष सदन को चलाना चाहता है, लेकिन सरकार हठधर्मिता कर रही है़ बहुमत के अहंकार में है़ सरकार दबाव बना रही है़ ऐसे में स्पीकर को इस्तीफा दे देना चाहिए और मुख्यमंत्री को ही स्पीकर बन जाना चाहिए.
चुनावी साल है़ जनता इस सरकार को आईना दिखा देगी. श्री सोरेन ने कहा कि सरकार घमंड में चूर है़ छात्र आंदोलन कर रहे है़ं इस राज्य को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है़ उन्होंने कहा कि जेपीएससी में पैसे का लेन-देन हो रहा है़ बैक डोर से इंट्री हो रही है़ उधर, श्री सोरेन ने सदन में कहा कि जिस तरह से बंदूक की नोक पर परीक्षा ली जा रही है, उससे लगता है कि सरकार की मंशा साफ नहीं है़ 35 से 40 हजार का पीटी में रिजल्ट निकाल दिया गया़ स्क्रूटनी करने वाले पदाधिकारी खुद परीक्षा दे रहे है़ं पीटी पास करने वाले छात्रों का रोल नंबर बदल दिया गया है़ खोरठा को अंग्रेजी विषय का और अंग्रेजी वाले को खोरठा विषय का एडमिट कार्ड भेज दिया गया है़ परीक्षा में भारी अनियमितता हुई है़
सरकार मुख्य परीक्षा स्थगित करे : सुखदेव भगत
सदन में कांग्रेस विधायक सुखदेव भगत ने कहा कि जेपीएससी का नाम झारखंड पैरवी सेटिंग और कमीशनखोरी कर देना चाहिए़ जेपीएससी निष्पक्ष नहीं है़ सचिव को सरकार ने हटा दिया. इससे साफ है कि वहां सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है़ सरकार मुख्य परीक्षा स्थगित करे़ सरकार लाचार व विवश क्यों है. सरकार उग्रवादी से बात करती है, लेकिन प्रजातांत्रिक तरीके से बात कर रहे छात्रों से बात नहीं कर रही है़ सरकार की संवेदनशीलता नहीं बची है़
शंका के घेरे में है जेपीएससी : राजकुमार
माले विधायक राजकुमार यादव ने कहा कि नियोजन नीति का मामला हाईकोर्ट के डबल बेंच में चल रहा है़ जेपीएससी परीक्षा लेने की हड़बड़ी में क्यों है़ पीटी में 106 गुना रिजल्ट निकाला गया है़ जेपीएससी शंका के घेरे में है़ झारखंड के लोग रिक्शा चलायेंगे और बाहर के लोग आकर नौकरी करेंगे, यह नहीं चलेगा़ स्पीकर संरक्षक है़ं मानवीय नैतिकता हमें दिखानी चाहिए़ जेपीएससी का खेल बंद होना चाहिए़
अध्यक्ष महोदय मजबूर क्यों हैं, निर्णय लें : बादल
कांग्रेस विधायक बादल पत्रलेख ने कहा कि विधानसभा को पूरा झारखंड आशा भरी निगाहों से देख रहा है़ अध्यक्ष महोदय मजबूर क्यों है़ं झारखंड के हित में निर्णय ले़ं आत्मा की आवाज पर निर्णय ले़ं इतनी मनमानी नहीं होने देना चाहिए़
सरकार हठधर्मिता छोड़े, संज्ञान लें : प्रदीप
झाविमो विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि सरकार मुख्य परीक्षा स्थगित करे़ सरकार फैसला क्यों नहीं कर रही है़ सरकार की क्या मजबूरी है़ सरकार हठधर्मिता छोड़े और संज्ञान ले़ जिनका एडमिट कार्ड नहीं आना चाहिए, उनको भेजा जा रहा है और जिनको मिलना चाहिए, उन्हें नहीं मिल रहा है़ सदन से परिणाम निकलना चाहिए़ कोर्ट में सरकार ने अपना पक्ष मजबूती से नहीं रखा.
हर हाल में लागू हो सरना धर्म कोड : इरफान
बाउरी कमेटी की रिपोर्ट हाउस में रखी जाये, अनियमितता हुई है : किशोर
सत्ता पक्ष के विधायक राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि सदन में बाउरी कमेटी की रिपोर्ट रखी जाये़ आसन के निर्देश पर कमेटी बनी है, तो फिर यह हाउस की संपत्ति है़
जेपीएससी के अधिकारी, कर्मचारी के परीक्षा में शामिल होने की बात आ रही है़ स्क्रूटनी की प्रक्रिया में शामिल है़ं सदन के अंदर ऐसे विषय आ गये हैं, तो कार्रवाई होनी चाहिए़ जो विषय आ रहे हैं, उससे साफ है कि घोर अनियमितता हुई है़ पक्ष-विपक्ष की चिंता है कि अच्छे से परीक्षा हो़ अच्छे लड़के चुन कर आये़ं सरकार इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल फैसला ले़
अासन निर्देश दे सकता है : भानु प्रताप
भानु प्रताप शाही ने कहा कि बाउरी कमेटी की रिपोर्ट सदन में रखी जाये़ रिपोर्ट को क्यों छिपाया जा रहा है़ सदन से कमेटी बनी है, तो उसकी अनुशंसा क्यों नहीं लागू होती है़ अासन नियमन दे सकता है़ निर्देश दिया जा सकता है़
विपक्ष प्रमाण दे, जांच हो : सीपी सिंह
इधर, सदन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए सीपी सिंह ने कहा कि विपक्ष को प्रमाण देना चाहिए़ सदन के अंदर विषय आया है, तो जांच होनी चाहिए़ जांच से साफ हो जायेगा कि कौन सही है और कौन गलत है़ यदि गड़बड़ी हुई है, तो जांच से सबकुछ साफ होगा़ सदन के अंदर जितनी बात विपक्ष कर रहा है, उससे संबंधित प्रमाण देना चाहिए़