रांची : रिम्स में 30 दिनों के भीतर हुई चौथी ओपेन हार्ट सर्जरी

15 साल के बच्चे का वाॅल्व बदला गया रांची : रिम्स के कार्डियेक थोरोसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग में रविवार को 15 साल के किशोर की ओपेन हार्ट सर्जरी की गयी. बिहार के गया जिले का रहनेवाले इस बच्चे का माइट्रियल वाल्व खराब था, जिसे सर्जरी के जरिये बदला गया. डॉक्टरों के ने कहा […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
15 साल के बच्चे का वाॅल्व बदला गया
रांची : रिम्स के कार्डियेक थोरोसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग में रविवार को 15 साल के किशोर की ओपेन हार्ट सर्जरी की गयी. बिहार के गया जिले का रहनेवाले इस बच्चे का माइट्रियल वाल्व खराब था, जिसे सर्जरी के जरिये बदला गया. डॉक्टरों के ने कहा कि ऑपरेशन के बाद बच्चे की हालत स्थिर है. अब वह सामान्य जीवन जी सकेगा.
गौरतलब है कि रिम्स के सीटीवीएस विभाग में अब तक कुछ छह हार्ट सर्जरी की जा चुकी हैं, जिसमें कुल चार ओपेन हार्ट सर्जरी की गयी हैं. एक और ओपेन हार्ट सर्जरी सोमवार को भी की जायेगी. पहले चरण में की गयी तीन ओपेन हार्ट सर्जरी में पीजीआइ चंडीगढ़ के कार्डियेक सर्जन डॉ आनंद मिश्रा ने सहयोग किया था. जबकि, दूसरे चरण में चल रही सर्जरी में एम्स की टीम रिम्स के सीटीवीएस के हृदय रोग विशेषज्ञों का सहयोग कर रही है.
दोपहर में शुरू हुईसर्जरी शाम में खत्म
सीटीवीएस के मॉड्यूलर ओटी में 15 वर्षीय किशोर की ओपेन हार्ट सर्जरी दोपहर में शुरू हुई, जो शाम में समाप्त हुई. सर्जरी शुरू होने से पहले एम्स के कार्डियेक सर्जन डॉ देवगुरु और कार्डियेक एनेस्थेटिक डॉ पराग ने ओटी की तैयारी का जायजा लिया. सब कुछ दुरुस्त पाये जाने पर उन्होंने सर्जरी शुरू करने की अनुमति दी. ऑपरेशन के बाद ओटी का फ्यूमिगेशन कर संक्रमण मुक्त किया गया. इस ओपेन हार्ट सर्जरी में रिम्स के कार्डियेक सर्जन डॉ राकेश चौधरी भी शामिल रहे.
आज बदला जायेगा महिला का वाल्व
रिम्स के सीटीवीएस में सोमवार को रांची की रहनेवाली एक महिला की ओपेन हार्ट सर्जरी की जायेगी. इसकी तैयारी रविवार को ही पूरी कर ली गयी है. सर्जरी सीटीवीएस के विभागाध्यक्ष डॉ अंशुल कुमार करेंगे, जिसमें एम्स के कार्डियेक सर्जन डॉ देवगुरु सहयोग करेंगे. उम्मीद है कि सुबह नौ बजे के करीब ऑपेशन शुरू कर दिया जायेगा. सर्जरी के बाद शाम को एम्स की टीम दिल्ली रवाना हो जायेगी.
माइट्रियल वाल्व एक रूमैटिक बीमारी है, जो बचपन में होती है. बच्चों को लगातार सर्दी-खांसी और गले में संक्रमण होने पर माइट्रियल वाल्व सिकुड़ जाता है. बच्चे में भी यही समस्या थी, जिसके कारण वह हार्ट की बीमारी से पीड़ित हो गया था.
डॉ राकेश चौधरी, कार्डियेक सर्जन, रिम्स
रिम्स में हार्ट सर्जरी शुरू करना ही कठिन था, लेकिन देश के बेहतर संस्थान पीजीआइ चड़ीगढ़ व एम्स की टीम के सहयोग से सर्जरी शुरू की गयी. राज्य सरकार से यह आग्रह किया जायेगा कि अब हम ऑपरेशन के लिए सक्षम हो गये हैं, जो उपरण व मैन पावर की कमी है, उसे दूर किया जाये.
डॉ डीके सिंह, निदेशक, रिम्स
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