रांची : रिम्स में स्टेट स्पाइनल इंज्यूरी सेंटर खोलने का प्रस्ताव, राज्य ने केंद्र से मांगे "5.3 करोड़

राज्य सरकार ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव रांची : राज्य सरकार ने रिम्स में स्टेट स्पाइनल इंज्यूरी सेंटर खोलने का प्रस्ताव तैयार किया है. इस प्रस्ताव को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की मंजूरी के लिए भेजा जा रहा है. यह एक समेकित सेंटर होगा जहां से पूरे राज्य को कवर […]

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राज्य सरकार ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव
रांची : राज्य सरकार ने रिम्स में स्टेट स्पाइनल इंज्यूरी सेंटर खोलने का प्रस्ताव तैयार किया है. इस प्रस्ताव को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की मंजूरी के लिए भेजा जा रहा है. यह एक समेकित सेंटर होगा जहां से पूरे राज्य को कवर किया जायेगा.
सेंटर मल्टी डिसिप्लीनरी होगा, जहां एक्यूट और क्रॉनिक स्पाइनल इंज्यूरी केयर होगा. इस सेंटर का एक अलग से ओपीडी होगा, जहां प्रशिक्षित मेडिकल अफसर, थेरेपिस्ट और नर्स होंगी. जिलों में स्पाइनल इंज्यूरी के केस रिम्स में रेफर किये जायेंगे. प्रस्ताव के अनुसार स्पाइनल इंज्यूरी अॉर्थोपेडिक क्लिनिक प्रतिदिन, पेडियाट्रिक एससीआइ क्लिनिक सप्ताह में दो दिन, स्पोर्ट्स मेडिसिन क्लिनिक सप्ताह में दो दिन, ब्लाडर केयर यूनिट सप्ताह में दो दिन, अॉक्यूपेशनल थेरापी क्लिनिक प्रतिदिन, अॉर्थेटिक्स व प्रोस्थेटिक क्लिनिक प्रतिदिन चलेंगे.
सेंटर के लिए मंत्रालय ने दिया था चार करोड़ रुपये अनुदान देने का प्रस्ताव राज्य सरकार के प्रस्ताव में स्टेट स्पाइनल इंज्यूरी सेंटर खोलने के लिए लगभग 5.3 करोड़ रुपये की मांग की गयी है. गौरतलब है कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने चार करोड़ रुपये अनुदान देने का प्रस्ताव दिया था. राज्य सरकार द्वारा रिम्स के बाबत कहा गया है कि यहां न्यूरो का बेहतरीन डिपार्टमेंट हैं, जहां के डॉक्टर प्रशिक्षित हैं. इनका लाभ भी मिलेगा. बताया गया कि केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद रिम्स में सेंटर खोलने की कार्रवाई की जायेगी.
पहले सदर अस्पताल में सेंटर खोलने का प्रस्ताव था
पूर्व में रांची सदर अस्पताल में स्पाइनल इंज्यूरी सेंटर खोलने का प्रस्ताव दिया गया था. सेंटर के लिए चार से छह हजार वर्ग फुट तक जगह चाहिए सेंटर के लिए, 12 बेड वाले सेंटर की स्थापना की योजना थी. पर जगह की वजह से इस प्रस्ताव को समाप्त कर दिया गया.
मंत्रालय ने ही दिया था प्रस्ताव
गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग ने केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय के निर्देश पर स्पाइनल इंज्यूरी सेंटर का प्रस्ताव तैयार किया था. सेंटर के लिए जरूरी मशीनरी तथा आधारभूत संरचना विकास के लिए मंत्रालय द्वारा करीब चार करोड़ रुपये राज्य सरकार को दिये जायेंगे. मंत्रालय ने सड़क दुर्घटना, टीबी व अन्य बीमारी के कारण स्पाइनल इंज्यूरी (रीढ़ की हड्डी में चोट) के बढ़ते मामले का हवाला देते हुए कम से कम 12 बेड वाले इस सेंटर की स्थापना की सलाह दी थी. इस सेंटर में मरीज का इलाज और पुनर्वास का काम होगा. केंद्र सरकार ने वर्ष 2016 में ही प्रस्ताव दिया था, जिसमें अब रिम्स को लेकर नये सिरे से प्रस्ताव तैयार कर भेजा जा रहा है.
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