रांची :डोरंडा थाना क्षेत्र के ज्योति पथ डिबडीह निवासी और विवेकानंद विद्यामंदिर स्कूल में पढ़नेवाली 11वीं की छात्रा वैष्णवी ने रिजल्ट खराब होने के टेंशन में अपने कमरे में फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली. जबकि वह क्लास में तीसरा रैंक लायी है. लेकिन यह जानने से पहले ही उसने आत्महत्या कर ली, क्योंकि वैष्णवी को लगा था कि उसका रिजल्ट खराब होगा. घटना के बाद परिजन बचे होने की आस उसे लेकर गुरुनानक अस्पताल पहुंचे. जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना मिलने पर चुटिया पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए शव को अस्पताल भेज दिया.
चुटिया पुलिस को वैष्णवी के मामा ने बताया है कि उन्होंने सिर्फ बुधवार को इतना ही पूछा था कि रिजल्ट कैसा होगा. इसके बाद उसने अपने कमरे में जाकर आत्महत्या कर ली. बताया जाता है कि वैष्णवी अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी. उसके पिता अभाष कुमार पांडेय पेशे से अधिवक्ता हैं, जबकि उसकी मां बिशप स्कॉट डोरंडा में शिक्षिका है. दोनों ने वैष्णवी को बड़े प्यार से पाला था.
विद्यालय परिवार के सदस्यों ने शोक जताया: इधर, स्कूल की प्राचार्या डॉ किरण द्विवेदी के अनुसार घटना की जानकारी मिलने पर विद्यालय परिवार के सदस्यों ने शोक सभा किया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. विद्यालय खुलने पर पांच अप्रैल को श्रद्धांजलि सभा होगी.
डॉ किरण के अनुसार वैष्णवी बहुमुखी प्रतिभा की धनी थी. गुरुवार को स्कूल में रिजल्ट भी घोषित किया गया. जिसमें वह हमेशा की तरह तीसरा स्थान बनाये रखी थी. यह घटना किसी एक विद्यालय या परिवार की नहीं, बल्कि सभी अभिभावकों, विद्यालय और समाज के लिए चिंताजनक है कि हमारे प्रतिभावान बच्चे अपनी प्रतिभा निखरने से पहले जान दे दे रहे हैं. वैष्णवी के लिए सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम सब बच्चों को जानें और समझें. इसके साथ ही उनमें धैर्य की भावना उत्पन्न करें, ताकि वे अपने परिवार समाज और देश के लिए कुछ कर सकें.