रांची : रोज घरों से उठेगा कचरा हफ्ते में एक दिन ही साफ होंगी सड़कें और नालियां

रांची : रांची नगर निगम ने शहर की सफाई कार्य में लगी कंपनी एस्सेल इंफ्रा को टर्मिनेट करने का प्रस्ताव सरकार के पास भेज दिया है. लेकिन, यह मामला चुनाव आचार संहिता के कारण लटक गया है. यानी सरकार इस कंपनी के टर्मिनेशन के मुद्दे पर लोकसभा चुनाव के बाद ही कोई फैसला ले पायेगी. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 9, 2019 12:49 AM
रांची : रांची नगर निगम ने शहर की सफाई कार्य में लगी कंपनी एस्सेल इंफ्रा को टर्मिनेट करने का प्रस्ताव सरकार के पास भेज दिया है. लेकिन, यह मामला चुनाव आचार संहिता के कारण लटक गया है.
यानी सरकार इस कंपनी के टर्मिनेशन के मुद्दे पर लोकसभा चुनाव के बाद ही कोई फैसला ले पायेगी. इधर, कंपनी ने भी अघोषित रूप से शहर में सफाई का कार्य लगभग बंद ही कर दिया है. गिने-चुने इलाकों में कंपनी के वाहन कचरा उठाने के लिए निकल रहे हैं.
कंपनी के टर्मिनेट होने के बाद शहर की सफाई व्यवस्था एकदम से न चरमरा जाये, इसके लिए रांची नगर निगम ने अभी से ही तैयारी शुरू कर दी है. रांची नगर निगम की ओर से बीट सिस्टम से सफाई कार्य कराये जाने की योजना बनायी जा रही है. इसके तहत डोर-टू-डोर कचरा उठाव, सड़क की सफाई और नालियों की सफाई के लिए अलग-अलग सफाईकर्मियों को तैनात किया जायेगा.
तीनों बीटों की मॉनिटरिंग भी अलग-अलग की जायेगी. नगर निगम के सिटी मैनेजर संदीप कुमार ने बताया कि डोर-टू-डोर कचरा उठाव का प्रतिदिन कराया जायेगा. वहीं, मुख्य अथवा कॉमर्शियल सड़कों की सफाई रोजाना होगी, जबकि गलियों की सड़क की सफाई हफ्ते में एक दिन करायी जायेगी. इसके अलावा नालियों की सफाई भी हफ्ते में एक दिन ही होगी.
की जा रही है गलियों की नंबरिंग
सफाई कर्मियों की सहूलियत और उनकी नियुक्ति के लिए वार्ड वाइज गलियों का बंटवारा भी किया जायेगा. इसके लिए हर गली की नंबरिंग की जा रही है.
संबंधित वार्डों के सुपरवाइजरों को उनके इलाके की गलियों की लिस्ट दी जायेगी, ताकि वे वहां की सफाई सुनिश्चित करा सकें. हर गली के दो-तीन लोगों के नाम भी सुपरवाइजरों की लिस्ट में शामिल किये जायेंगे, ताकि हर बार सफाई के बाद उक्त लोगों के हस्ताक्षर लिये जा सकें.
इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित हो सकेगा कि गलियों में कचरे का उठाव और नालियों व सड़कों की सफाई सही तरीके से हो रही है या नहीं. इसके अलावा नगर निगम के अधिकारी मोहल्ले के लोगों से फोन करके यह पता करेंगे कि उनके इलाके में नियमित सफाई होती है या नहीं.