मुरी : रेड मड हादसे के 46 घंटे के बाद गुरुवार को मलबा हटाने का काम शुरू किया गया. इस काम में तीन पोकलेन व करीब दर्जन भर हाइवा लगाये गये हैं. बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने काम की गति धीमी बताते हुए और अधिक मशीनें लगाकर मलबा ढुलाई के काम में तेजी लाने का निर्देश दिया है. इधर, ढुलाई में लगे लोगों ने बताया कि प्रतिदिन 300 से 400 ट्रिप मलबा ढुलाई का लक्ष्य रखा गया है. मलबा हटा कर कंपनी के रेलवे साइडिंग में डंप किया जा रहा है. वहीं दिन में जिले के कृषि विभाग व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी ने हादसे में प्रभावित गांवों का दौरा किया. मिट्टी व पानी के सैंपल जांच के लिए ले गये.
तेज हवा में उड़ रहा लाल गुब्बार : मलबा ढुलाई के दौरान दोपहर करीब सवा तीन बजे मौसम खराब हो गया. तेज हवा के कारण लाल मिट्टी आसमान में उड़ने लगी. अधिकारियों ने मिट्टी के दुष्प्रभाव से बचने के लिए मास्क का सहारा लिया. हालांकि हल्की बूंदा-बांदी के बाद मौसम साफ हो गया. इस दौरान करीब 15-20 मिनट काम बाधित रहा.