रांची : बॉयो मेडिकल वेस्ट हैंडलिंग नियम का उल्लंघन कर रहे झारखंड के अस्पताल

दिल्ली की संस्था टॉक्सिक्स लिंक व झारखंड की स्वयंसेवी संस्था लोक स्वर ने जारी की रिपोर्ट सेमिनार के दौरान जारी रिपोर्ट में झारखंड के पांच शहरों की स्थिति का किया गया आकलन रांची : झारखंड के सरकारी और निजी अस्पताल ‘बायो मेडिकल वेस्ट हैंडलिंग नियम’ का उल्लंघन कर रहे हैं. इससे आम जनता के ऊपर […]

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दिल्ली की संस्था टॉक्सिक्स लिंक व झारखंड की स्वयंसेवी संस्था लोक स्वर ने जारी की रिपोर्ट
सेमिनार के दौरान जारी रिपोर्ट में झारखंड के पांच शहरों की स्थिति का किया गया आकलन
रांची : झारखंड के सरकारी और निजी अस्पताल ‘बायो मेडिकल वेस्ट हैंडलिंग नियम’ का उल्लंघन कर रहे हैं. इससे आम जनता के ऊपर बीमारियों और इंफेक्शन का खतरा बढ़ गया है. यह जानकारी दिल्ली की संस्था टॉक्सिक्स लिंक और झारखंड की स्वयंसेवी संस्था लोक स्वर ने जारी की है.
गुरुवार को होटल इमराॅल्ड में आयोजित सेमिनार में ‘इग्नोर ऑर फेल्ड’ शीर्षक रिपोर्ट में झारखंड के पांच शहरों में बॉयो मेडिकल वेस्ट की वर्तमान स्थिति का आकलन किया गया. लोक स्वर की शालिनी ने बताया कि यह अध्ययन पिछले छह माह से किया जा रहा था.
इसमें बड़ी मात्रा में अस्पतालों का संक्रमित कचरा, विभिन्न शहरों की म्यूनिसिपल वेस्ट के कचरे में मिला पाया गया. इस अध्ययन में रांची, जमशेदपुर, बोकारो, देवघर व धनबाद के 31 अस्पतालों से अपविष्ट प्रबंधन की जानकारी एकत्र की गयी. सर्वे किये गये अस्पतालों में पाया गया कि 90 प्रतिशत अस्पताल बॉयो मेडिकल वेस्ट हैंडलिंग निगम-2016 का उल्लंघन कर रहे हैं, जो कि आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ है.
झारखंड स्टेट प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अनुसार राज्य में रोजाना 12 हजार किलो कचरा अस्पताल से निकलता है, जो कि सालाना 4700 टन होता है. अध्ययन के अनुसार लगभग 59 प्रतिशत यानी 2700 टन कचरे का निष्पादन नहीं हो पाता है. कार्यशाला में प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, हेल्थ विभाग, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, स्वयंसेवी संस्थाएं व विभिन्न अस्पतालों के प्रतिनिधि शामिल थे.
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