रांची : संविदाकर्मी ने डेढ़ करोड़ की संपत्ति बनायी 20 लाख जमा करने की शर्त पर मिला बेल

रांची : हाइकोर्ट के जस्टिस अनिल कुमार चाैधरी की अदालत में मंगलवार को प्रखंड एकाउंट क्लर्क प्रमोद कुमार सिंह की अोर से दायर अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. अदालत ने याचिका स्वीकार कर ली और प्रार्थी को सशर्त अग्रिम जमानत की सुविधा प्रदान की. अदालत ने प्रार्थी को निर्देश दिया कि वह चार माह […]

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रांची : हाइकोर्ट के जस्टिस अनिल कुमार चाैधरी की अदालत में मंगलवार को प्रखंड एकाउंट क्लर्क प्रमोद कुमार सिंह की अोर से दायर अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. अदालत ने याचिका स्वीकार कर ली और प्रार्थी को सशर्त अग्रिम जमानत की सुविधा प्रदान की. अदालत ने प्रार्थी को निर्देश दिया कि वह चार माह के अंदर धनबाद सिविल सर्जन कार्यालय में 20 लाख रुपये जमा करा दे
इससे पूर्व प्रार्थी ने अदालत को बताया कि उसने आय से अधिक संपत्ति अर्जित नहीं की है. वहीं एसीबी की अोर से अधिवक्ता टीएन वर्मा ने बताया कि प्रार्थी काे प्रतिमाह 17,300 रुपये वेतन मिलता है. उसने अक्तूबर 2008 से लेकर आठ जून 2016 के बीच लगभग 1.50 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति अर्जित की है. एसीबी ने जांच में पाया कि प्रमोद ने ज्ञात आय से 400% अधिक संपत्ति
अर्जित की है.
10 दिनों में सातवें वेतनमान का लाभ देने का आदेश
रांची : हाइकोर्ट के जस्टिस डॉ एसएन पाठक की अदालत में मंगलवार को सातवां वेतनमान काे लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई.
अदालत ने सुनवाई करते हुए एक साल से आदेश का अनुपालन नहीं होने पर नाराजगी जतायी. अदालत ने सातवें वेतनमान का लाभ देने के लिए प्राथमिक शिक्षा निदेशक को 10 दिनों का समय दिया. साथ ही यह भी कहा कि यदि 10 दिनों के अंदर प्रार्थी को सातवें वेतनमान का लाभ नहीं दिया जाता है, तो अगली सुनवाई के दाैरान प्राथमिक शिक्षा निदेशक सशरीर हाजिर रहेंगे. मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 15 जुलाई की तिथिनिर्धारित की.
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