स्थानीयता हमारे अस्तित्व की बात
अवेकनिंग आदिवासी सोल विषय पर सेमिनार में बोलीं गीताश्री रोजगार हमारे हाथों से निकल गया, तो हम लड़ाई हार जायेंगे रांची : शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव ने कहा कि स्थानीयता हमारे अस्तित्व, हमारी अस्मिता की बात है. हमारे जायदाद की बात है. रोजगार भी जायदाद है. यदि यह हमारे हाथों से निकल गया, तो हम […]
अवेकनिंग आदिवासी सोल विषय पर सेमिनार में बोलीं गीताश्री
रोजगार हमारे हाथों से निकल गया, तो हम लड़ाई हार जायेंगे
रांची : शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव ने कहा कि स्थानीयता हमारे अस्तित्व, हमारी अस्मिता की बात है. हमारे जायदाद की बात है. रोजगार भी जायदाद है. यदि यह हमारे हाथों से निकल गया, तो हम लड़ाई हार जायेंगे. शिक्षा मंत्री सोमवार को झारखंड व पश्चिम बंगाल के पूर्व महालेखाकार बेंजामिन लकड़ा की दो पुस्तकों ‘झारखंड के आदिवासी महानायक’ और ‘झारखंड के प्रमुख आदिवासी समुदाय’ के लोकार्पण के मौके पर बोल रही थीं.
उन्होंने कहा कि हमारा इतिहास गौरवशाली रहा है, लेकिन इसे सही तरीके से लिपिबद्ध नहीं किया गया. इस धरती के क्रांतिकारियों ने अपनी किसी रियासत या ताज की रक्षा की लड़ाई नहीं लड़ी, बल्कि जल, जंगल, जमीन की लड़ाई लड़ी. हममें एकजुटता की कमी है. यदि एक मंच पर आयेंगे, तो हर लड़ाई जीतेंगे.
कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो ने कहा कि गीताश्री उरांव व बंधु तिर्की ने स्थानीयता की बात उठायी थी, जिसका कुछ लोगों ने विरोध किया. पर उन्हें उन दोनों पर गर्व है. दोनों पुस्तकें सोशल इनिशिएटिव्स फॉर ग्रोथ एंड नेटवर्किंग (साइन) ने प्रकाशित की है. आयोजन एसडीसी सभागार में किया गया.
स्वास्थ्य सेवाओं में मदद करे चर्च : स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र प्रसाद सिंह ने साइन द्वारा प्रकाशित ‘स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस फॉर प्राइमरी हेल्थ केयर फेसिलिटिज’ का लोकापर्ण किया. उन्होंने कहा कि चर्च की नर्सिग सेवा काफी सुदृढ़ है. इसके माध्यम से राज्य के दूर दराज के इलाकों तक 245 दवाइयां मुफ्त उपलब्ध कराने की कोशिश की जायेगी. जारंगडीह के ढोरी में नया विश्रमगृह बनवाया जा रही है. ढोरी व गेतलसूद के लिए दो एंबुलेंस दी जा रही हैं.