विपक्ष ने भ्रष्टाचार को लेकर सरकार को घेरा, पक्ष-विपक्ष में नोकझोंक

रांची : झारखंड विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, जेबीवीएनएल के एमडी राहुल पुरवार पर टाटा प्रोजेक्टस के कंसल्टेंट द्वारा लगाये गये कमीशनखोरी के आरोप का मामला शुक्रवार को सदन में उठा़ इस मामले को लेकर पक्ष-विपक्ष में नोकझोंक हुई़ सत्ता पक्ष ने इस मामले में मुख्यमंत्री का नाम लिये जाने का विरोध किया़ वहीं, विपक्ष ने […]

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रांची : झारखंड विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, जेबीवीएनएल के एमडी राहुल पुरवार पर टाटा प्रोजेक्टस के कंसल्टेंट द्वारा लगाये गये कमीशनखोरी के आरोप का मामला शुक्रवार को सदन में उठा़ इस मामले को लेकर पक्ष-विपक्ष में नोकझोंक हुई़ सत्ता पक्ष ने इस मामले में मुख्यमंत्री का नाम लिये जाने का विरोध किया़ वहीं, विपक्ष ने भ्रष्टाचार को लेकर सरकार को घेरा़ नारेबाजी की़ सदन में गतिरोध देख स्पीकर दिनेश उरांव ने कार्यवाही स्थगित कर दी़ मासस विधायक अरूप चटर्जी ने इस मामले को लेकर कार्यस्थगन लाया़

श्री चटर्जी का कहना था कि जेबीवीएनएल के एमडी 2़ 50 प्रतिशत कमीशन मांगते है़ं टाटा प्रोजेक्ट्स के लीगल अधिकारी ने मुख्य सचिव को पत्र लिख कर गंभीर आरोप लगाये है़ं बड़े लोगों तक पैसा जा रहा है़ आरोप गंभीर है़
सरकार एमडी पर कार्रवाई करे़ विभाग में पदाधिकारी दो साल में हटा दिये जाते हैं, लेकिन राहुल पुरवार चार वर्षों से है़ं श्री चटर्जी ने कहा कि चारा घोटाले की तरह पदाधिकारियों को बचाया जा रहा है़ चारा घोटाले में बचाने वाले लोग आज जेल में है़ं एमडी पर जिस तरीके का आरोप है, मुख्यमंत्री को कार्रवाई करनी चाहिए़ संसदीय कार्यमंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने श्री चटर्जी के वक्तव्य का विरोध किया़
श्री मुंडा ने कहा : यह गंभीर मामला है कि मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया जा रहा है़ जो मन में आया बोल दिया़ श्री चटर्जी का कहना था कि अखबारों में आया है़ श्री मुंडा ने कहा कि अखबार में सबके बारे में आता है़
राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि किसी अखबार में मुख्यमंत्री पर आरोप नहीं लगाया गया है़ मीडिया ने पत्र की वैधता पर भी तो सवाल उठाया है़ दुर्भावना से प्रेरित होकर आरोप लगाया जा रहा है़ सदन में सत्ता पक्ष के बिरंची नारायण, अनंत ओझा, मनीष जायसवाल, राज सिन्हा, ढुलू महतो, नवीन जायसवाल, निर्भय शाहबादी सहित कई विधायक अपनी सीट से मासस विधायक का विरोध कर रहे थे़
विधायक से माफी मांगने कह रहे थे़ इधर, प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन ने शोर-शराबे के बीच कहा कि सरकार के पास वेतन देने का पैसा नहीं है़ यहां केवल घोटाले हो रहे हैं, जिधर हाथ डालिए उधर घोटाला है़ लूट मची है़ स्पीकर पक्ष-विपक्ष के नेताओं को अपनी सीट पर बैठने का आग्रह करते रहे़ लेकिन नोंक-झोक चलती रही. हो-हल्ला थम नहीं रहा था़ अंत में स्पीकर ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी़
किसने क्या कहा
ऐसे मुख्यमंत्री पर आरोप नहीं लगा सकते हैं, गंभीर मामला है, यह नहीं चलेगा : नीलकंठ
मीडिया ने भी ई-मेल की वैधता पर सवाल उठाया है, आरोप लगाना सही नहीं : किशोर
वेतन देने के लिए पैसा नहीं है, घोटाला हो रहा है : हेमंत सोरेन
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