नये विधानसभा भवन में विशेष सत्र को स्पीकर ने किया संबोधित, कहा विकसित राज्यों की श्रेणी में आने के लिए और मेहनत करनी होगी
रांची : झारखंड विधानसभा के नये भवन में शुक्रवार को आयोजित विशेष सत्र में विधानसभा अध्यक्ष डॉ दिनेश उरांव ने कहा कि पिछले पांच साल के दौरान राज्य की सवा तीन करोड़ जनता के हित में कई काम सदन में किये गये. कई समस्याओं का समाधान किया गया. यह प्रक्रिया आगे भी चलती रहेगी. उम्मीद […]
रांची : झारखंड विधानसभा के नये भवन में शुक्रवार को आयोजित विशेष सत्र में विधानसभा अध्यक्ष डॉ दिनेश उरांव ने कहा कि पिछले पांच साल के दौरान राज्य की सवा तीन करोड़ जनता के हित में कई काम सदन में किये गये. कई समस्याओं का समाधान किया गया. यह प्रक्रिया आगे भी चलती रहेगी. उम्मीद है कि नयी विधानसभा में जो भी जनप्रतिनिधि चुनकर आयेंगे, वह राज्य के एक-एक व्यक्ति की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे.
अध्यक्ष ने राज्यपाल के अभिभाषण से पूर्व और समापन में भाषण दिया. सदन संचालन के दौरान कई विधायकों को अपना विचार रखने का मौका दिया. उन्होंने कहा कि राज्य को और आगे जाना है. विकसित राज्यों की श्रेणी में खड़े होने के लिए खूब मेहनत करनी होगी.
17 सत्र हुए, 127 कार्य दिवस : डॉ उरांव ने कहा कि पिछले पांच साल के दौरान 17 सत्र का आयोजन किया गया. इसमें 127 कार्य दिवस हुए. छह बार राज्यपाल ने संबोधित किया. दो संविधान संशोधन विधेयकों पर सदन का समर्थन मिला. कुल 130 विधेयक लाये गये. इसमें 127 को सदन ने पारित किया.
विशेष सत्र में विधायकों ने क्या कहा
हर बात पर राजनीति ठीक नहीं, नेता प्रतिपक्ष होते तो अच्छा लगता : संसदीय कार्य मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि सब चाहते थे कि राज्य का अपना विधानसभा हो. यह हो गया. यहां से राज्य के सभी लोगों को खुशहाल रखने का काम होगा. इस आयोजन के मौके पर नेता प्रतिपक्ष रहते, तो अच्छा लगता. लोगों के बीच अच्छा संदेश जाता. हर चीज में राजनीति करना ठीक नहीं है.
महसूस हो रही थी विधानसभा की कमी: कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा कि नये विधानसभा परिसर की जरूरत सभी को महसूस हो रही थी. शिलान्यास भी हुआ था. किसी कारण से नहीं बन पाया था. आज तैयार हो गया है, इसकी व्यक्तिगत खुशी है. हमलोगों को गांवों की स्थिति को भी देखना होगा. गांव-गांव को बिजली देना होगा.
जनता का काम हो, तभी सार्थकता होगी : मंत्री सरयू राय ने कहा कि विधानसभा में जनता का पैसा लगा हुआ है. यहां जनता का काम होना चाहिए. तभी सार्थकता होगी. भवन अच्छा है, इसमें जो कमियां या त्रुटियां हैं, उसे दूर किया जाना चाहिए. अच्छी संसदीय परंपरा बनाये रखने की जिम्मेदारी भी हमारी है. पक्ष-विपक्ष मिल कर ही विकास का वाहक हो सकता है.
चुनाव के समय आ रही सखी मंडलों की याद : झाविमो नेता प्रदीप यादव ने कहा कि चुनाव के समय सरकार कह रही है कि पोषक आहार सखी मंडल बनायेंगी. इसकी घोषणा पांच साल पहले की गयी थी. सरकार ने बिजली के तार तो लगा दिये हैं, लेकिन रोशनी नहीं मिल रही है. पांच साल में एक मेगावाट भी अतिरिक्त उत्पादन नहीं हुआ है. सरकार को चाहिए कि किसानों व व्यापारियों का बीमा भी देना चाहिए.
राज्य के लिए अच्छी नीति बनायी जायेगी : मंत्री रामचंद्र सहिस ने कहा कि यहां से राज्य के लोगों के लिए अच्छी नीति बनायी जायेगी. इससे जनता को लाभ होगा. सारे संसाधनों के बावजूद राज्य गरीब है. इस दंश को दूर करना है.
पुराने विधानसभा भवन को स्मृति के रूप में रखें : विधायक अरुप चटर्जी ने कहा कि पुराने विधानसभा भवन को स्मृति के रूप में रखें. वह स्थान पिछले 19 साल में कई इतिहास का गवाह रहा है. कई समस्याएं पिछले पांच साल से चल रही हैं, उसका समाधान नहीं हुआ है. मोमेंटम झारखंड के बाद यहां उद्योग नहीं लगे हैं, बल्कि बंद हुए हैं. इस पर विचार होना चाहिए.
नकारात्मक सोच से आगे नहीं बढ़ सकते हैं : विधायक राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि नकारात्मक सोच के साथ हम आगे नहीं बढ़ सकते हैं. आज लाल किले पर भी तिरंगा फहरा रहा है और कश्मीर के लाल चौक पर भी. पिछले पांच साल में राज्य में समृद्धि आयी है. राज्य की जनता सब कुछ देख रही है.
काफी काम हुए हैं पिछले पांच साल में : विधायक भानू प्रताप शाही ने कहा कि पिछले पांच साल में काफी काम हुए हैं. कोई भी सरकार आयेगी तो काम करेगी. सरकार को चाहिए कि यहां 150 विधायकों वाले सदन का प्रस्ताव केंद्र को भेजे.
उल्लेखनीय रहे हैं पिछले पांच साल : विधायक कुशवाहा शिवपूजन मेहता ने कहा कि पिछले पांच साल का काम उल्लेखनीय रहा है. अभी राज्य में सुखाड़ की स्थिति है. सरकार को किसानों का बिजली बिल और कर्ज माफ कर देना चाहिए.
विकास डबल इंजन वाली सरकार के कारण : झामुमो विधायक जयप्रकाश भाई पटेल ने कहा कि राज्य में विकास डबल इंजन वाली सरकार के कारण हुआ है. सरकार को इस परिसर में भगवान बिरसा की प्रतिमा लगानी चाहिए. इससे उनको श्रद्धांजलि होगी.
देर आये, दुरुस्त आये : माले विधायक राज कुमार यादव ने कहा कि नये विधानसभा भवन के निर्माण में देरी जरूर हुई, लेकिन दुरुस्त है. पिछले पांच साल में संसदीय परंपरा को मजबूत करने का प्रयास हुआ है. नये विधायकों को काफी सम्मान मिला. दुमका में हाइकोर्ट की बेंच बने.
विस्थापितों के साथ जो तय हुआ था, वह पूरा हो : कांग्रेस विधायक सुखदेव भगत ने कहा कि नये विधानसभा भवन के निर्माण के पूर्व विस्थापितों से कई वादे किये गये थे, उसे भी पूरा करना चाहिए. इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए.
नये भवन की पहली बैठक में एससी आयोग का पहला विधेयक आया
रांची : शुक्रवार को विधानसभा के ऐतिहासिक बैठक में सदन के पटल पर विधायी कार्य भी हुआ. इस नये भवन के सदन पटल पर अनुसूचित जाति आयोग का विधेयक रखा गया. सचिव महेंद्र प्रसाद ने सदन में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह विधेयक सदन के पटल पर रखा जा रहा है. उन्होंने इसके बाद विनियोग विधेयक सदन के पटल पर रखने की घोषणा की़ विशेष सत्र में कांग्रेस के सभी विधायक पहुंचे थे.
झामुमो के निलंबित विधायक पटेल पहुंचे सरकार की तारीफ की
रांची : विशेष सत्र से झामुमो अलग रहा, लेकिन झामुमो विधायक जेपी पटेल विशेष सत्र में पहुंचे. उन्होंने रघुवर सरकार के काम की तारीफ की. उन्होंने कहा कि आज झारखंड के शहीदों को सम्मान मिला है. रघुवर दास की सरकार की इच्छा शक्ति से हमें नया विधानसभा मिला है. दूसरे राज्य जाते थे, तो इसकी कमी खलती थी.
