बड़ी मशीनें बनाने का बड़ा सपना देखता छोटे शहर का युवा इंजीनियर

धनबाद के रहने वाले आशीष कुमार वर्णवाल 7 साल से रांची में रह रहे हैं, उम्र 25 साल, शिक्षा बीटेक (Bachelor of Technology) और काम सपने देखना, आशीष ने किसी भी ग्रेजुएट छात्र की तरह नौकरी का सपना नहीं देखा. सपना देखा कुछ नया करने का, बाजार में नयी तकनीक के आधार पर नया प्रोडक्ट […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

धनबाद के रहने वाले आशीष कुमार वर्णवाल 7 साल से रांची में रह रहे हैं, उम्र 25 साल, शिक्षा बीटेक (Bachelor of Technology) और काम सपने देखना, आशीष ने किसी भी ग्रेजुएट छात्र की तरह नौकरी का सपना नहीं देखा. सपना देखा कुछ नया करने का, बाजार में नयी तकनीक के आधार पर नया प्रोडक्ट लाने का.

आशीष ने साल 2012 में बीटेक की पढ़ाई पूरी की पढ़ाई के वक्त ही कई तरह के नये आइडिया पर काम करने लगे. आशीष ने बाताय कि मैंने एक ऐसी मशीन बनायी जिससे खाना बनाना आसान हो. सब्जी कट जाए, मशीन में ही बनकर तैयार हो जाए. यह मशीन बड़े समारोह और ज्यादा से ज्यादा लोगों का खाना बनाने में मदद करेगी. इस आइडिया के लिए पेटेंट का आवेदन भी कर दिया है. अब सीलिंग कूलर की योजना पर काम कर रहा हूं, आगे कृषि में किसानों की मदद के लिए एक और योजना तैयार है.
प्रोडक्ट्स पर काम करने के लिए पैसे नहीं है
मैंने अबतक कई प्रोडक्ट पर काम किया है लेकिन पैसे की कमी के कारण उसे बाजार तक नहीं ला सका. आशीष आगे बताते हैं , मेरी अबतक की कई प्रोडक्ट प्लाइनिंग इसलिए पीछे है क्योंकि मेरे पास पैसे नहीं है. पढ़ाई पूरी करने के बाद मैं अपना खर्च ट्यूशन पढ़ा कर निकाल रहा हूं. इसी से कुछ पैसे बचाकर मैं अपने प्रोडक्ट पर काम करता हूं. मेरी सीलिंगकूलर प्रोडक्ट में अबतक 15 हजार रुपये खर्च हो गये हैं. मेरे सब्जी बनाने वाली मशीन का काम अधूरा है अभी उसका बेस तैयार हो रहा है. मेरी योजना कृषि पर भी एक प्रोडक्ट लाने की है लेकिन पैसे की कमी के कारण उस पर भी काम नहीं कर पा रहा हूं. अगर सरकार या कोई संस्था सहयोग करे, तो मैं इन प्रोडक्ट्स पर पूरी मेहनत करना चाहता हूं और जल्द से जल्द बाजार में लाना चाहता हूं.
सीलिंगकूलर लगभग तैयार है, सबसे पहले अपने घर में करूंगा इस्तेमाल
इसी गरमी एक कूलर कंपनी नया कूलर लेकर आयी, जो दिवार पर AC की तरह लगायी जा सकती है. आशीष का आइडिया थोड़ा और ऊंचा है वह कूलर को सीधे सीलिंगपर लगा रहे हैं. आशीष बताते हैं कि यह सिर्फ कूलर नहीं है, इसके साथ लाइट का सेट है, म्यूजिक सिस्टम है और इसके साथ कूलर है. जब यह आपकी घर की सीलिंग( छत) पर लगेंगी तो आपके घर को और सुंदर बनायेगी क्योंकि इसका डिजाइन पूरी तरह फॉल्स-सीलिंग के तर्ज पर तैयार किया गया है.
इसमें मौजूद सारी सुविधाओं का इस्तेमाल आप अपनी मोबाइल से कर सकते हैं. बिस्तर पर लेटे – लेटे आराम से मोबाइल से ऑपरेट करके गाने सुनिये, ठंडी हवा खाइये और सोना हो तो मोबाइल से ही लाइट बंद कर लीजिए. आशीष बताते है, हम इसमें सीसीटीवी कैमरा लगाने की भी योजना पर काम कर रहे हैं ताकि दफ्तर या किसी ऐसी जगह हो जहां यह कूलर लगे तो सब पर निगरानी भी रखी जा सके.
बिजली की बचत, पानी की खपत पर भी पूरा ध्यान
कूलर एक दिन में 10 से 12 लीटर पानी की खपत करेगा, बिजली का खर्च उतना ही आयेगा जितना एक सीलिंग फैन का खर्च है और कूलर में मौजूद सारी सुविधाएं सोलर पर भी चलेगी ये कहते हुए आशीष खुश होते हैं और बताते हैं कि इस योजना पर काम इसलिए शुरू किया क्योंकि मां गरमी से परेशान रहती थी. मैं सबसे पहले एक सीलिंग कूलर अपने घर में लगवाऊंगा. इसमें पानी कैसे भरेंगे ? आशीष कहते हैं, कूलर के कॉर्नर में एक पाइप दिया होगा. पानी खत्म होने पर कूलर सिगनल देगा, आपको बस पाइप बाल्टी में भरे पानी में रख देना है, इसे जीतना पानी चाहिए उतना लेकर यह ऑटोमेटिक बंद हो जायेगा.
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