भारत के खिलाफ लड़ाई के लिए हथियार खरीदा

अमेरिका से मिली आतंकवाद निरोधक सैन्य सहायता का पाक ने किया दुरुपयोग 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले के पीछे था लश्कर-ए-तैयबा का हाथ एजेंसियां, वाशिंगटनअमेरिका के एक पूर्व राजनयिक ने देश के सांसदों को बताया कि पाकिस्तान को मिली आतंकवाद निरोधक अमेरिकी सैन्य सहायता का अधिकतर हिस्सा भारत के खिलाफ लड़ाई के लिए हथियार खरीदने […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

अमेरिका से मिली आतंकवाद निरोधक सैन्य सहायता का पाक ने किया दुरुपयोग 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले के पीछे था लश्कर-ए-तैयबा का हाथ एजेंसियां, वाशिंगटनअमेरिका के एक पूर्व राजनयिक ने देश के सांसदों को बताया कि पाकिस्तान को मिली आतंकवाद निरोधक अमेरिकी सैन्य सहायता का अधिकतर हिस्सा भारत के खिलाफ लड़ाई के लिए हथियार खरीदने के लिए किया गया. अफगानिस्तान में अमेरिका के पूर्व राजदूत रोनाल्ड न्यूमैन ने कांग्रेस की एक कमेटी के समक्ष पाकिस्तान को एक ऐसा देश बताया, जो कई मामलों में एक असफल देश होने की कगार पर है. वहीं, कांग्रेस सदस्य विल्सन ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सैन्य सहायता का अधिकतर हिस्सा कभी भी आतंकवाद निरोधक अभियान में नहीं जाता. इसका इस्तेमाल भारत से लड़ाई के लिए हथियार खरीदने में किया जाता है. अफगानिस्तान के मामले में गत 10 वर्षों के दौरान कांग्रेस के प्रयासों के बावजूद हमारे पास यूएसएआइडी की एक भी रिपोर्ट नहीं, जो यह बता सके कि पाकिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक सहायता के क्या लाभ और प्रभाव रहा है. ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशंस फॉरेन पॉलिसी प्रोग्राम के अनुसंधान निदेशक माइकल ओ लैनोन ने चेतावनी दी कि अफगानिस्तान के धराशायी होने से लश्कर-ए-तैयबा जैसे समूह के लिए एक दूसरा स्थान मिल सकता है, जहां पर अपने अभियानों का आधार बना सकता है. लश्कर-ए-तैयबा ही 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले के पीछे था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Prabhat Khabar Digital Desk

Prabhat Khabar Digital Desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >