मेदिनीनगर/रांची : समरवीर सिंह उर्फ हर्षू सिंह हत्याकांड में सीआइडी को विधायक बिट्टू सिंह व उनके रिश्तेदारों के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला है. बताया जाता है कि इस मामले में सीआइडी की ओर से अनुसंधानकर्ता पुलिस निरीक्षक बाबूराम भगत ने मेदिनीनगर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के अदालत में अंतिम जांच रिपोर्ट सौंप दी है. रिपोर्ट में बिट्टू व उनके परिजनों के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिलने की बात कही गयी है.
मालूम हो कि 18 अप्रैल 2009 को मेदिनीनगर शहर थाना क्षेत्र के बेलवाटिका में हर्षू सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. इस मामले में हर्षू सिंह के चाचा कौशलेंद्र कुमार सिंह के बयान पर 19 अप्रैल 2009 को शहर थाना में मामला दर्ज किया गया था.
इस मामले में बिट्टू सिंह और उनके चचेरे भाई अमित सिंह, मनोज सिंह व कारू को आरोपी बनाया गया था. पहले इस मामले की जांच पुलिस ने की थी. लेकिन बाद में इस मामले को सीआइडी को सौंप दिया गया था. सीआइडी ने इस मामले में जो रिपोर्ट दी है, उसके मुताबिक बिट्टू या उनके किसी भी परिजन के खिलाफ इस मामले में साक्ष्य नहीं मिला है.
कौशलेंद्र ने बयान में कहा था कि घटना के समय वह अपने घर में थे. इसी दौरान रोड पर चार-पांच राउंड गोली चलने की आवाज सुन कर बाहर निकले थे. देखा कि हर्षू सिंह जख्मी होकर गिरा है. तत्काल उसे सदर अस्पताल ले जाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था.