क्रीम के अधिक इस्तेमाल से त्वचा पर बुरा असर : डॉ चौधरी

रांची : रिम्स के त्वचा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ एसएस चौधरी ने कहा कि कॉस्मेटिक व गोरापन के लिए बिकने वाली क्रीम का उपयोग करने से त्वचा की बीमारी बढ़ी है. इसके उपयोग से त्वचा पर बुरा प्रभाव पड़ता है. यह त्वचा रोग है, जो लंबे समय तक रोगी को परेशान करता है. शरीर में […]

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रांची : रिम्स के त्वचा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ एसएस चौधरी ने कहा कि कॉस्मेटिक व गोरापन के लिए बिकने वाली क्रीम का उपयोग करने से त्वचा की बीमारी बढ़ी है.

इसके उपयोग से त्वचा पर बुरा प्रभाव पड़ता है. यह त्वचा रोग है, जो लंबे समय तक रोगी को परेशान करता है. शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता की गड़बड़ी से सोराइसिस की बीमारी होने की संभावना रहती है. वह मंगलवार को विश्व सोराइसिस दिवस पर रिम्स के त्वचा विभाग के ओपीडी में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में जानकारी दे रहे थे. उन्होंने कहा कि सोराइसिस की बीमारी में लंबे समय तक इलाज चलता है.
कई बार लंबे समय तक दवा लेने के बाद भी यह ठीक नहीं होता है, तो रोगी निराश हो जाते हैं. अगर सही तरीके से इलाज कराया जाये, तो इस रोग से छुटकारा पाया जा सकता है. त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ प्रभात कुमार ने कहा कि कोई भी परेशानी होने पर डॉक्टरों से परामर्श लेना चाहिए. अपने मन से दवा नहीं लेनी चाहिए. बीमारी के बारे में जागरूकता सबसे जरूरी है. त्वचा की बीमारी कई बार लाेग नजरअंदाज करते हैं, जो बाद घातक हो जाता है. कार्यक्रम में रिम्स के त्वचा विभाग के अन्य डॉक्टर शामिल हुए.
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