दो कमरे में स्कूल, छत से टपकता है पानी

सिमडेगा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, ठेठइटांगरछत पर तिरपाल डाल कर चल रहा है काम-प्रखंड मुख्यालय स्थित बीआरसी भवन में चल रहा है-वर्ग छह से ग्यारहवीं तक की पढ़ाई, 138 छात्राएं -शौचालय की स्थिति जर्जर, पेयजल की भी उचित सुविधा नहीं- बीमारियों से ग्रसित रहती हैं छात्राएं-तीन साल बाद भी नहीं बना स्कूल का अपना भवनकोटविद्यालय […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

सिमडेगा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, ठेठइटांगरछत पर तिरपाल डाल कर चल रहा है काम-प्रखंड मुख्यालय स्थित बीआरसी भवन में चल रहा है-वर्ग छह से ग्यारहवीं तक की पढ़ाई, 138 छात्राएं -शौचालय की स्थिति जर्जर, पेयजल की भी उचित सुविधा नहीं- बीमारियों से ग्रसित रहती हैं छात्राएं-तीन साल बाद भी नहीं बना स्कूल का अपना भवनकोटविद्यालय संचालन में परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है. जिला प्रशासन को विद्यालय की समस्याओं से कई बार अवगत कराया गया है. अनुराधा प्रसाद, वार्डनतसवीर : स्कूल भवन की छत पर बिछा तिरपाल. कमरे के अंदर छाता व बाल्टी लगा कर काम चलाती छात्राएं.प्रतिनिधि, ठेठइटांगर (सिमडेगा)ठेठइटांगर प्रखंड मुख्यालय स्थित बीआरसी भवन में चल रहे कस्तूरबा गांधी विद्यालय में छत से पानी टपकता है. दो कमरे के स्कूल भवन की स्थिति इतनी जर्जर है कि बरसात में विद्यालय की छत पर तिरपाल डाला गया है. फिर भी पानी टपकता है. बारिश होने पर कमरे में छाता व बाल्टी लगा कर छात्राएं किसी तरह काम चलाती हैं. शौचालय की स्थिति जर्जर है. पेयजल की भी उचित व्यवस्था नहीं है. विद्यालय परिसर में गंदगी का अंबार लगा रहता है. विद्यालय में वर्ग छह से ग्यारहवीं तक की पढ़ाई होती है. कुल 138 छात्राएं नामांकित हैं. उचित सुविधा नहीं होने के कारण छात्राएं मलेरिया, सिर दर्द, खुजली जैसी बीमारियों से ग्रसित रहती हैं. तीन साल से यही हालतवर्ष 2011 में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका उच्च विद्यालय की शुरुआत की गयी थी. किंतु तीन साल गुजर जाने के बाद भी विद्यालय भवन का कार्य अधूरा पड़ा है. अपना भवन नहीं होने के कारण मात्र दो कमरे में ही विद्यालय संचालित है. वार्डन अनुराधा प्रसाद बताती हैं कि विद्यालय संचालन में परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है. नौ मार्च को उपायुक्त राजीव रंजन खेल सामग्री वितरण समारोह में उपस्थित थे. इस दौरान उन्हें विद्यालय की समस्याओं से अवगत कराया गया था. उन्होंने विद्यालय भवन का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने का आश्वासन दिया था. किंतु अब तक भवन निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया.

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