तनिष्क की गोल्ड स्कीम पर असमंजस बरकरार
नयी दिल्ली. टाइटन ने कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय को पत्र लिखकर सोना निवेश स्कीम पर सफाई मांगी है. सूत्रों के मुताबिक, टाइटन की गोल्ड डिपॉजिट स्कीम को एडवांस के तौर पर ट्रीट करने की मांग को सरकार ठुकरा सकती है. दरअसल, टाइटन अपने ज्वेलरी ब्रांड तनिष्क के तहत नयी गोल्ड स्कीम अक्तूबर में लॉन्च करना […]
नयी दिल्ली. टाइटन ने कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय को पत्र लिखकर सोना निवेश स्कीम पर सफाई मांगी है. सूत्रों के मुताबिक, टाइटन की गोल्ड डिपॉजिट स्कीम को एडवांस के तौर पर ट्रीट करने की मांग को सरकार ठुकरा सकती है. दरअसल, टाइटन अपने ज्वेलरी ब्रांड तनिष्क के तहत नयी गोल्ड स्कीम अक्तूबर में लॉन्च करना चाहती है. टाइटन के एमडी भास्कर भट्ट ने सोमवार को जानकारी दी. भास्कर भट्ट के मुताबिक, इसके लिए सरकार और शेयरधारकों से मंजूरी ली जा रही है. टाइटन ने इस पत्र में पूछा कि क्या इसे गोल्ड खरीदने का एडवांस माना जा सकता है. नये कंपनीज एक्ट के तहत कंपनियों की 12.5 फीसदी रिटर्न से ज्यादावाली गोल्ड डिपॉजिट स्कीम को गैरकानूनी माना गया है. इसी के चलते तनिष्क समेत दूसरी सभी कंपनियों की गोल्ड निवेश स्कीम को डिपॉजिट स्कीम मानते हुए नयी कंपनीज एक्ट में गैरकानूनी माना गया है.