रांची : भगवान के नाम पर बच्चों का नाम रखें, इससे अच्छे संस्कार आयेंगे

सत्संग के बिना भगवत कथा सुनने को नहीं मिलती : श्री अनिरुद्धाचार्य जी महाराज रांची : श्री राणीसती मंदिर लेन रातू रोड स्थित श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर (श्रीतिरूपति बालाजी) में सत्संग में प्रवचन के माध्यम से शनिवार को तीसरे दिन श्री गुरुदेव ने भगवान के नाम की महिमा का वर्णन किया. जगद्गुरू श्रीस्वामीजी ने बताया कि […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 1, 2019 10:20 AM
सत्संग के बिना भगवत कथा सुनने को नहीं मिलती : श्री अनिरुद्धाचार्य जी महाराज
रांची : श्री राणीसती मंदिर लेन रातू रोड स्थित श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर (श्रीतिरूपति बालाजी) में सत्संग में प्रवचन के माध्यम से शनिवार को तीसरे दिन श्री गुरुदेव ने भगवान के नाम की महिमा का वर्णन किया.
जगद्गुरू श्रीस्वामीजी ने बताया कि जब कोई भक्त भगवान का नाम लेता है, तो उस भक्त का भगवान से संबंध जुड़ जाता है. भगवान के नाम का विस्मरण ही सभी विपत्तियों का कारण है. भगवद्नाम में पाप का नाश करने की इतनी शक्ति है कि मनुष्य चाह कर भी पाप नहीं कर सकता है. दूसरों की निंदा से विमुक्त होकर भगवान का नाम लेने से विशेष लाभ मिलता है.
श्री गुरुदेव ने आगे कहा कि बच्चों का नाम भगवान के नाम पर ही रखना चाहिए. बच्चों का निरर्थक नामांकरण नहीं करना चाहिए. भगवान के नाम से बच्चों का नाम होने पर बच्चों में दिव्य संस्कार आते हैं. वह बच्चा अच्छा स्वभाव का तथा चरित्रवान होता है. मानव जन्म की सफलता इसी में है कि मनुष्य अथक प्रयत्न करके भगवान को या भगवत प्रेम को प्राप्त कर ले.
सत्संग के बिना भगवत कथा सुनने को नहीं मिलती और भगवत कथा के बिना सांसारिक दावानल रूपि मोह का नाश नहीं होता. स्वामी श्री के प्रवचन के पूर्व श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर भगवान का नित्याराधन, महाआरती, श्रृंगार कर श्रुति, स्मृति और तैत्तिरियोपनिषद मंत्रों से स्तवन हुआ. प्रात: के इस अनुष्ठान में जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी श्रीअनिरूद्धाचार्य जी महाराज व श्रीगोविंदाचार्य जी महाराज उपस्थित रहे. अर्चक सत्यनारायण गौतम, गोपेश आचार्य व प्रशांत रामानुजदास ने मिल कर पूजा, तिरूआराधन विधिवत संपन्न कराया. आज के खिचड़ी महाप्रसाद के यजमान अजित-बबिता कुमारी व अमित-जुगनू रानी चौधरी थे.