रांची : रामगढ़ एसपी को सशरीर हाजिर होने का दिया निर्देश

रांची : झारखंड हाइकोर्ट में रामगढ़ में फर्जी टीन नंबर पर कोयले की ढुलाई कर सरकार को करोड़ों की क्षति पहुंचाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के जवाब पर नाराजगी जताते […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 10, 2019 9:26 AM
रांची : झारखंड हाइकोर्ट में रामगढ़ में फर्जी टीन नंबर पर कोयले की ढुलाई कर सरकार को करोड़ों की क्षति पहुंचाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई.
चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के जवाब पर नाराजगी जताते हुए रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक को सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया.
साथ ही दोबारा जांच के बिंदु पर जवाब देने काे कहा. यह भी कहा कि पांच साल से जांच की जा रही है अब तक जांच पूरी नहीं हो पायी है़ खंडपीठ ने कहा कि अगली सुनवाई के दाैरान उपस्थित होकर मामले में जवाब दें कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब तक क्या कार्रवाई की गयी है. मामले की अगली सुनवाई के लिए खंडपीठ ने 13 अक्तूबर की तिथि निर्धारित की. इससे पूर्व प्रार्थी की अोर से अधिवक्ता राजीव कुमार ने खंडपीठ को बताया कि रामगढ़ में वर्ष 2013-2014 में फर्जी टीन नंबर के आधार पर सैकड़ों ट्रक कोयले की ढुलाई की गयी थी. इससे सरकार को लगभग 52 करोड़ रुपये की क्षति पहुंची थी.
रामगढ़ में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी. इस कार्य में तत्कालीन वाणिज्यकर अधिकारियों की भी मिलीभगत रही है. बाद में इस मामले में एसीबी ने भी प्रारंभिक जांच की थी. जांच के बाद सरकार से प्राथमिकी दर्ज करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उसे अनुमति नहीं दी गयी. पूर्व में दायर प्राथमिकी की जांच भी बंद कर दी गयी. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी झारखंड अगेंस्ट करप्शन की अोर से जनहित याचिका दायर की गयी है.