रांची : सीएए, एनआरसी व विद्यार्थियों पर पुलिस बर्बरता के खिलाफ आदिवासी अधिकार मंच, क्रिश्चियन युवा मंच, एनएपीएम, झारखंड जनाधिकार महासभा, आदिवासी महिला नेटवर्क, डब्ल्यूएसएस, आॅल इंडिया स्टूडेंट्स फ्रंट, एकल महिला नारी मंच, नागरिक अधिकार, भीम आर्मी सहित, झारखंड जनाधिकार महासभा से जुड़े कई जनसंगठनों ने शहीद चौक से अलबर्ट एक्का चौक तक मार्च किया़ जनसंगठनों द्वारा पर्चे भी बांटे गये़ बताया गया कि सीएए व एनआरसी झारखंड के लिए क्यों खतरनाक है़ भारत भूषण चौधरी, प्रफुल्ल लिंडा, आलोका कुजूर, विवेक व अन्य ने कहा कि झारखंड में सीएए व एनआरसी का प्रभाव विनाशकारी होगा़ कहा कि पहले से ही अनिश्चित जनसांख्यिकीय संतुलन भविष्य में आदिवासी हितों के विरुद्ध हो जायेगा़ यह आदिवासियों की भूमि पर हमले का एक और साधन बन सकता है़ इस देश की स्थापना द्वि-राष्ट्र सिद्धांत को खारिज करते हुए हुई थी़
वहीं, सीएए मुस्लिमों व गैर-मुस्लिमों के बीच नागरिकता के लिए छूट देने के उद्देश्यों से अंतर पेश कर द्वि-राष्ट्र सिद्धांत को वापस ला रहा है़ हम अशफाक उल्लाह खान, रामप्रसाद बिस्मिल व रोशन सिंह की शहादत के दिन 19 दिसंबर को नागरिकता संशोधन अधिनियम को खारिज करने की मांग करते हुए साथ आये है़ं जनसंगठनों ने चुनाव के बाद इस मुद्दे पर बड़ा कार्यक्रम करने का भी निर्णय लिया है़