रांची : झाविमो की कार्यसमिति रविवार को भंग हो सकती है. पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी पूरी कार्यसमिति को भंग कर सकते हैं. सूत्रों की मानें तो यह सब कुछ भविष्य में किसी दूसरी पार्टी में विलय का रास्ता खोल सकता है.
विलय के दौरान कार्यसमिति की अड़चन न रहे, इसके लिए कार्यसमिति को भंग किया जा सकता है. पार्टी सचिव सरोज सिंह ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष को पहले ही कार्यसमिति गठन के लिए अधिकृत किया गया था. पार्टी अध्यक्ष ने नयी कार्यसमिति नहीं बनाते हुए पुरानी समिति को ही मान्यता दी थी. यह उन पर ही निर्भर करता है कि वे कार्यसमिति भंग कर नयी कार्यसमिति बनायें. पार्टी अध्यक्ष इसके लिए सक्षम हैं.
पांच जनवरी को दिन के 11 बजे से चिरौंदी स्थित आशीर्वाद बैंक्वेट हॉल में होनेवाली बैठक में झाविमो के अंदर कई तरह के विकल्प के साथ नेता आयेंगे. इसको लेकर विधायकों की भी अपनी-अपनी राय है. पार्टी विधायक बंधु तिर्की कांग्रेस के नजदीक जाते दिख रहे हैं. हालांकि पार्टी अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने अपना पत्ता नहीं खोला है, लेकिन वे आनेवाले दिन में कोई न कोई फैसला जरूर लेंगे.