आदिवासियों की समृद्ध परंपरा : भगत
विकास भारती ने जनजातीय बालिकाओं को किया सम्मानित तसवीर ट्रैक पर हैरांची: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर विकास भारती विशुनपुर से संबद्ध ट्राइबल स्टडी सेंटर द्वारा आरोग्य भवन में जनजातीय बालिकाओं का सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर डोरंडा कॉलेज के व्याख्याता नारायण भगत मुख्य रूप से उपस्थित थे. श्री भगत […]
विकास भारती ने जनजातीय बालिकाओं को किया सम्मानित तसवीर ट्रैक पर हैरांची: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर विकास भारती विशुनपुर से संबद्ध ट्राइबल स्टडी सेंटर द्वारा आरोग्य भवन में जनजातीय बालिकाओं का सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर डोरंडा कॉलेज के व्याख्याता नारायण भगत मुख्य रूप से उपस्थित थे. श्री भगत ने कहा कि विकास भारती आदिवासी समाज के समृद्ध इतिहास व संस्कृति को बचाने के लिए लगातार प्रयासरत है. विकास भारती का ही प्रयास का यह असर है कि आज गांवों में रहने वाले लाखों आदिवासी जागरूक हुए हैं. श्री भगत ने कहा कि आदिवासियों की अपनी समृद्ध परंपरा रही है. अब जरूरत है कि हम उनके परंपराओं व संस्कृति को संरक्षित करें. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बाल संरक्षण आयोग की सदस्य रंजना चौधरी ने कहा कि विकास भारती ने विपरीत परिस्थितियों में भी जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को आगे लाने का प्रयास किया है. इसी का प्रयास है कि आज आदिवासी लड़कियां स्वावलंबी बन कर समाज में प्रतिष्ठित हुई हैं. कार्यक्रम में विकास भारती के सचिव अशोक भगत ने कहा कि आज आदिवासी संस्कृति की चर्चा पूरे विश्व में हो रही है. ऐसे समय में हमें आदिवासियों के स्वाभिमान को जगा कर रखने की आवश्यकता है. मौके पर जनजातीय बच्चों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया. सम्मानित होने वालों में अभिलाषा तिर्की, लक्ष्मी केरकेट्टा, अरुण कुमार मुंडा, सुनीता कुमारी, बेला कुमारी व घुंघरू कुमारी हैं. कार्यक्रम का संचालन सुजीत गोस्वामी व धन्यवाद ज्ञापन गोपा मिंज ने किया.
