महिला आयोग में 22 मामलों की सुनवाई

फोटो …… राज वर्मा की संवाददाता, रांचीझारखंड राज्य महिला आयोग ने मंगलवार को महिला उत्पीड़न, पति प्र्रताड़ना और अन्य 22 मामले सुने. अमूमन सभी मामले एक ही तरह के थे, जिसमें अधिकतर में एक पति द्वारा दो-दो विवाह करने का आरोप था. आयोग की अध्यक्ष डॉ महुआ माजी, किरण कुमारी और शबनम परवीन ने मामलों […]

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फोटो …… राज वर्मा की संवाददाता, रांचीझारखंड राज्य महिला आयोग ने मंगलवार को महिला उत्पीड़न, पति प्र्रताड़ना और अन्य 22 मामले सुने. अमूमन सभी मामले एक ही तरह के थे, जिसमें अधिकतर में एक पति द्वारा दो-दो विवाह करने का आरोप था. आयोग की अध्यक्ष डॉ महुआ माजी, किरण कुमारी और शबनम परवीन ने मामलों को सुना. कई मामले में अगली तिथि निर्धारित की गयी, जिसमें सभी पक्षों को हाजिर होने का निर्देश दिया गया. आज की सुनवाई में शिक्षक, चिकित्सक, रेलवे कर्मियों के मामले सुने गये. बुधवार को भी आयोग में लंबित मामलों की सुनवाई होगी. पहली पत्नी को देना होगा खर्चा भत्तासुनवाई के क्रम में कोडरमा जिले के एक केस में रेलवे कर्मी को अपनी पहली पत्नी को खर्चा भत्ता देने का निर्देश दिया गया. पहली पत्नी का आरोप था कि उसके पति ने दूसरी औरत के साथ विवाह कर लिया है. दूसरी पत्नी से दो बच्चियां हुई हैं. इससे पहले पहली पत्नी से भी दो बच्चे हुए थे. पहली पत्नी को अब गुजारा भत्ता नहीं मिल रहा है. इस बाबत भत्ता देने की गुजारिश की गयी. आयोग के सामने पहली पत्नी को आरोपी पति ने अपनाने से इनकार कर दिया. कड़े आदेश के बाद आरोपी पति ने पत्नी को भत्ता देने का निर्णय लिया.चिकित्सक पर प्रताड़ना का आरोपगुमला जिले के एक मामले में चिकित्सक द्वारा एक महिला को प्रशिक्षण के नाम पर की गयी शिकायत सुनी गयी. महिला का आरोप था कि चिकित्सक ने जबरन उससे कई काम कराये. काम के नाम पर मानसिक रूप से प्रताडि़त किया. आयोग ने चिकित्सक पर लगाये गये आरोप पर बिंदुवार स्पष्टीकरण की मांग की है. मामले को अगली तिथि तक टाल दिया गया है.आरोपी ही पाया गया दोषीबोकारो के एक मामले में पिता ने गांव के कुछ दबंग पर आरोप लगाया था कि उसकी अल्पव्यस्क बेटी का अपहरण कर लिया गया था. आयोग को बताया गया कि अब अपहर्ताओं के कब्जे से उसकी बेटी मुक्त हो गयी है. आयोग ने बच्ची को बुला कर सारी बातें सुनी. पूछताछ के क्रम में कई बातें गलत पायी गयीं. आयोग ने पूरे मामले की तह तक पहुंचने का आदेश दिया.

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