जामनगर रिफाइनरी को तेल नहीं बेच पायेगी रिलायंस

एजेंसियां, नयी दिल्लीरिलायंस इंडस्ट्रीज केजी डी-6 बेसिन से निकलनेवाला कच्चा तेल गुजरात स्थित जामनगर रिफाइनरी को नहीं बेच सकेगी. पेट्रोलियम मंत्रालय इस संबंध में विचार कर रही है. मंत्रालय कह सकता है कि वह इस तेल की बिक्री चेन्नई पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीपीसीएल) को करे, वह भी कम कीमत पर.प्रोडक्शन शेयरिंग कांट्रैक्ट (पीएससी) में उत्पादन […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 20, 2014 5:59 PM

एजेंसियां, नयी दिल्लीरिलायंस इंडस्ट्रीज केजी डी-6 बेसिन से निकलनेवाला कच्चा तेल गुजरात स्थित जामनगर रिफाइनरी को नहीं बेच सकेगी. पेट्रोलियम मंत्रालय इस संबंध में विचार कर रही है. मंत्रालय कह सकता है कि वह इस तेल की बिक्री चेन्नई पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीपीसीएल) को करे, वह भी कम कीमत पर.प्रोडक्शन शेयरिंग कांट्रैक्ट (पीएससी) में उत्पादन करनेवाली कंपनी को बाजार में अधिकतम कीमत पर उत्पाद बेचने की अनुमति दी गयी है, ताकि वह ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमा कर सरकार को अधिकतम रॉयल्टी दे.यहां बताना प्रासंगिक होगा कि केजी-डी6 ब्लॉक से गैस निकालनेवाली रिलायंस ने पांच साल तक तय नियम-शर्तों पर सीपीसीएल को तेल की बिक्री की. रिलायंस ने वित्त वर्ष 2014-15 के लिए 25 लाख बैरल का टेंडर जारी किया. सीपीसीएल ने भी निविदा भरी, लेकिन बोली जामनगर रिफाइनरी के पक्ष में गया. सीपीसीएल ने चार-पांच डॉलर प्रति बैरल का टेंडर भरा था, जो जामनगर रिफाइनरी से कम था.पेट्रोलियम मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि नियमों के तहत खरीदने और बेचनेवाली कंपनियां एक-दूसरे से संबद्ध न हों. ऐसे में पीएससी के प्रावधानों के तहत जामनगर रिफाइनरी निविदा पाने के योग्य नहीं है. जाहिर है, रिलायंस को सीपीसीएल को तेल की आपूर्ति करनी होगी. अधिकारी ने कहा कि सरकार रिलायंस से तत्काल जामनगर रिफाइनरी को तेल की बिक्री रोक कर सीपीसीएल को उसके द्वारा कोट की गयी कीमत पर तेल की आपूर्ति करने को कहा जायेगा.रिलायंस ने सरकार के इस तर्क को खारिज कर दिया है. कहा, ‘पीएससी में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि कंपनी तेल और गैस की आपूर्ति अपनी संबद्ध कंपनी को नहीं कर सकती. रिलायंस पहले भी जामनगर रिफाइनरी को तेल बेचती रही है. उस पर कभी कोई आपत्ति नहीं हुई.’बहरहाल, पेट्रोलियम पर मिलनेवाली ऊंची कीमत से सरकार को फायदा होगा. सीपीसीएल चूंकि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की एक इकाई है, वह अपने मुनाफा पर सरकार को लाभांश भी नहीं देगी.खुदरा जरूरतें पूरी करे गेलनयी दिल्लीसरकार ने गेल इंडिया लिमिटेड को इस्पात तथा पेट्रोरसायन जैसे गैर-प्राथमिकतावाले क्षेत्रों की कंपनियों की प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में कटौती करने के लिए कहा है. गेल से सीएनजी का खुदरा कारोबार करनेवाली इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड जैसी कंपनियों की जरूरतों को पूरा करने को कहा गया है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने बुधवार को एक आदेश में कहा कि उसने सीएनजी तथा पाइपवाली रसोई गैस क्षेत्र का वितरण करनेवाली सिटी गैस वितरण (सीजीडी) इकाइयों को घरेलू प्राकृतिक गैस के आवंटन और आपूर्ति को लेकर दिशा-निर्देश में संशोधन किया है. प्रत्येक सीजीडी इकाइयों को गैस की आपूर्ति एक समान आधार मूल्य पर किया जायेगा. आदेश के अनुसार, गेल देश में उत्पादित गैस सीजीडी इकाइयों को उनके औसत खपत के आधार पर करेगी और गैस की जरूरत बढ़ने पर उसे गैर-प्राथमिकतावाले क्षेत्रों को की जानेवाली आपूर्ति में कमी कर करेगी.

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