नयी दिल्ली. एक तेज रफ्तार स्कूटर की चपेट में आने से स्थायी रूप से विकलांग हो गये 30 वर्षीय दिनेश सिंह (करोलबाग निवासी) को मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण (एमएसीटी) 23, 66, 864 का मुआवजा देने का निर्देश दिया है. एमएसीटी के पीठासीन अधिकारी एससी मलिक ने कहा कि प्रतिवादी 1 (चालक), प्रतिवादी 2 (मालिक) और प्रतिवादी 3 (टक्कर मारनेवाले वाहन की बीमा कंपनी नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड) याचिकाकर्ता को मुआवजे का भुगतान करने के लिए संयुक्त रूप से उत्तरदायी हैं. प्राधिकरण ने पीडि़त और प्रत्यक्षदर्शी हिमांशु की गवाही पर भरोसा करके मुआवजे की घोषणा की. हिमांशु स्कूटर चला रहा था, जबकि दिनेश उसके पीछे बैठा हुआ था. दिनेश द्वारा दायर याचिका के मुताबिक, 14 मार्च, 2010 को वह एक स्कूटर पर सवार होकर बाजार जा रहा था. उसी समय विपरीत दिशा से नियमों का उल्लंघन करते हुए तेज रफ्तार में एक स्कूटर आया और टक्कर मार दी. परिणामस्वरुप जिस स्कूटर पर दिनेश सवारी कर रहा था वह गिर गया और उसका पांव कुचला गया.
सड़क हादसा : विकलांग को मिला ङ्म23 लाख का मुआवजा
नयी दिल्ली. एक तेज रफ्तार स्कूटर की चपेट में आने से स्थायी रूप से विकलांग हो गये 30 वर्षीय दिनेश सिंह (करोलबाग निवासी) को मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण (एमएसीटी) 23, 66, 864 का मुआवजा देने का निर्देश दिया है. एमएसीटी के पीठासीन अधिकारी एससी मलिक ने कहा कि प्रतिवादी 1 (चालक), प्रतिवादी 2 (मालिक) और […]
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