एजेंसियां, कोलकाताकोलकाता में विभिन्न पंडालों में लगायी गयी देवी दुर्गा की प्रतिमाओं को ज्वेलरी ब्रांडों ने सजाया है. इसे दुर्गा पूजा के कार्पोरेटाइजेशन के संकेत के तौर पर देखा जा सकता है.त्यौहार के लिए बंगाली उत्साह को बरकरार रखते हुए एकडालिया एवरग्रीन क्लब ने अपने पंडाल का नाम दिया है ‘गौरी इबार कुंदानेर साजे’. आभूषण बनाने वाली प्रमुख कंपनी तनिष्क द्वारा महिला सशक्तीकरण का संदेश देते हुए खास तौर पर इसे तैयार किया गया है.देवियों के लुक से मिलते-जुलते आभूषणज्वेलरी डिजाइन का प्रबंधन देखने वाली मृणमय सेन ने कहा कि प्रसिद्ध जयपुरी कुंदन काम को बंगाली सौंदर्य के हिसाब से तराशा गया है. 22 कैरेट सोने के इस आभूषण का वजन 7.7 किलोग्राम है. आभूषण के टुकड़े कमल से प्रेरित हैं. इसे पवित्र फूल के तौर पर माना जाता है. सेन ने कहा कि देवी दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती तथा गणेश एवं कार्तिक के लिए तैयार डिजाइन वाले जेवरात पर ‘एकचला’ का असर दिखता है. एकडालिया एवरग्रीन क्लब के अचिंत्य बनर्जी ने कहा कि पारंपरिक तौर पर आभूषण देवियों के लुक से मिलान करते हुए तैयार किये जाते हैं. शहर के नामी नेमीचंद बामलवा एंड संस ने श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब में दुर्गा प्रतिमा के लिए 10 करोड़ रुपये से ज्यादा के हीरे के आभूषण तैयार किये हैं.
दुर्गा प्रतिमाओं को संवारने आये ज्वेलरी ब्रांड
एजेंसियां, कोलकाताकोलकाता में विभिन्न पंडालों में लगायी गयी देवी दुर्गा की प्रतिमाओं को ज्वेलरी ब्रांडों ने सजाया है. इसे दुर्गा पूजा के कार्पोरेटाइजेशन के संकेत के तौर पर देखा जा सकता है.त्यौहार के लिए बंगाली उत्साह को बरकरार रखते हुए एकडालिया एवरग्रीन क्लब ने अपने पंडाल का नाम दिया है ‘गौरी इबार कुंदानेर साजे’. आभूषण […]
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