योगेंद्र साव को हजारीबाग के जेपी केंद्रीय कारा के सात नंबर सेल में रखा जाएगा!

रांची :योगेंद्र साव को रखने के लिए जेपी केंद्रीय कारा में तैयारी पूरी कर ली गयी है. सूत्रों के अनुसार, रिम्स से छुट्टी मिलते ही उन्हें हजारीबाग के जेपी केंद्रीय कारा के सात नंबर सेल में रखा जा सकता है. इसी सेल में पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा को 19 दिनों तक रखा गया […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

रांची :योगेंद्र साव को रखने के लिए जेपी केंद्रीय कारा में तैयारी पूरी कर ली गयी है. सूत्रों के अनुसार, रिम्स से छुट्टी मिलते ही उन्हें हजारीबाग के जेपी केंद्रीय कारा के सात नंबर सेल में रखा जा सकता है. इसी सेल में पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा को 19 दिनों तक रखा गया था. जानकारी के अनुसार, इस सेल में योगेंद्र साव को अकेले रहना होगा और जेल का खाना खाना होगा.

रिपोर्ट के बाद ही होगा योगेंद्र साव पर फैसला

रिम्स के कॉटेज नंबर 14 में भरती बड़कागांव के विधायक और पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव की कई जांच की जायेगी. रिपोर्ट आने के बाद निर्णय हो पायेगा कि उन्हें रिम्स में रखा जाये या नहीं. उग्रवादी संगठन बनाने और रंगदारी वसूलने के आरोप में योगेंद्र साव को शनिवार रात को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था.

रांची लाये जाने के बाद वह रिम्स में भरती हो गये थे. उन्होंने डायबिटीज, कान दर्द और पाइल्स की शिकायत की है. मेडिसिन विभाग के चिकित्सकों ने उनकी बीमारी से संबंधित विभागों के डॉक्टरों से राय मांगी है. उन्हें एलएफटी (लीवर फंक्शन), आरएफटी (किडनी फं क्शन), सीबीसी (टोटल ब्लड काउंट) और डायबिटीज के अलावा यूरीन जांच कराने की सलाह दी गयी है.

* फिलहाल नयी दवाएं नहीं : पूर्व मंत्री का इलाज कर रहे डॉ उमेश प्रसाद ने बताया, बिना जांच के नयी दवाएं नहीं दी जा सकती. इस कारण उन्हें पुरानी दवाएं ही खाने को कहा गया है. रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ निर्णय लिया जायेगा. सोमवार सुबह 9.30 बजे डॉक्टरों ने जांच में उनका ब्लड प्रेशर 150/ 80 पाया. मेडिसिन चार्ट के अनुसार, योगेंद्र साव ने अभी तक रिम्स के चिकित्सकों के परामर्श पर दी गयी दवाओं का सेवन नहीं किया है. हालांकि कान दर्द की शिकायत के बाद डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दवाएं दी थी, पर वह पूर्व की दवाएं ही ले रहे हैं.
* सुगर की दवाएं ले रहे हैं
रिम्स के चिकित्सकों की माने तो योगेंद्र साव सुगर के लिए मेटफार्मिन व सिटाग्लेप्टीन दवाएं खा रहे है. जांच रिपोर्ट के बाद चिकित्सक दवाएं बदल सकते हैं. अन्य समस्याएं होने पर अतिरिक्त दवाएं भी दी जा सकती हैं.
* मिलने पर है प्रतिबंध
योगेंद्र साव से मिलने पर प्रतिबंध लगाया गया है. सोमवार को कॉटेज में उनसे मिलनेवालों की भीड़ लगी रही. पर पुलिस ने किसी को उनके पास जाने नहीं दिया. पुलिसकर्मियों का कहना था कि उन्हें इससे संबंधी कड़े निर्देश मिले हैं. पूर्व मंत्री को आठ-दो का सुरक्षा बल उपलब्ध कराया गया है.
* ये जांच कराने का निर्देश
एलएफटी (लीवर फंक्शन), आरएफटी (किडनी फं क्शन), सीबीसी (टोटल ब्लड काउंट), फास्टिंग व पीपी सुगर, यूरीन
योगेंद्र साव की हर तरह की जांच कराने का निर्देश दिया गया है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पायेगी.
डॉ उमेश प्रसाद, फिजिशियन रिम्स
* राजू साव का सेल बदला गया : झारखंड टाइगर ग्रुप संगठन और झारखंड बचाओ आंदोलन के प्रशिक्षक राजू साव को सात नंबर सेल से नौ नंबर सेल में शिफ्ट कर दिया गया है. टाइगर ग्रुप संगठन के सरगना राजकुमार गुप्ता और झारखंड बचाओ आंदोलन के प्रमुख मुकेश साव इसी जेल में बंद हैं. दोनों को अलग-अलग सेल में रखा गया है.
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