तसवीर राज की हैसंवाददातारांची : झारखंड माइंस एरिया कोआर्डिनेटर कमेटी (जमैक) के सदस्यों ने कहा है कि कोल ब्लॉक के आवंटन में अनियमितता की बात सुप्रीम कोर्ट में भी साबित हो गयी है. सुप्रीम कोर्ट ने कोल ब्लॉक आवंटन को गैरकानूनी माना है. इस आधार पर अब इसके दोषियो के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. जमैक के सुरेंद्र तिर्की, अर्जुन समद एवं एलिस चेरोवा ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जिन कोल ब्लॉक को सुप्रीम कोर्ट ने अवैध घोषित करते हुए खारिज किया है उसके खिलाफ झारखंड के खनन प्रभावित समुदाय वर्षों से संघर्ष जारी रखे हुए हैं. एलिस चेरोवा ने कहा कि खनन के खिलाफ आंदोलन करने वाले समुदाय व सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा बिना शर्त वापस किये जाना चाहिए. आंदोलनकारियों की पहचान देश के संसाधनों को बचाने वाले के तौर पर चिन्हित किया जाना चाहिए. जमैक के सदस्यों ने कहा कि अभी तक जिन जिन जगहों पर भू अधिग्रहण किया गया है और जहां परियोजना को खारिज किया गया है वहां भूमि मूल रैयतों को लौटानी चाहिए. साथ ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में शामिल कंपनियों एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों पर भी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए.
कोल ब्लॉक आवंटन के दोषियों को सजा मिले : जमैक
तसवीर राज की हैसंवाददातारांची : झारखंड माइंस एरिया कोआर्डिनेटर कमेटी (जमैक) के सदस्यों ने कहा है कि कोल ब्लॉक के आवंटन में अनियमितता की बात सुप्रीम कोर्ट में भी साबित हो गयी है. सुप्रीम कोर्ट ने कोल ब्लॉक आवंटन को गैरकानूनी माना है. इस आधार पर अब इसके दोषियो के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. जमैक […]
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