इयू कोर्ट ने लिट्टे पर लगा प्रतिबंध खारिज किया
त्रकोर्ट ने कहा : भारतीय अधिकारी भरोसेमंद स्रोत नहींब्रुसेल्स/लंदन. यूरोपीय संघ (इयू) की एक अदालत ने वर्ष 2006 में इयू द्वारा लिट्टे पर लगाये गये उन प्रतिबंधों को खारिज कर दिया है, जिसका मकसद आतंकवाद का मुकाबला करना था. हालांकि, कोर्ट ने कहा कि लिट्टे की संपत्तियों के लेन-देन और खरीदने-बेचने पर फिलहाल रोक रहेगी. […]
त्रकोर्ट ने कहा : भारतीय अधिकारी भरोसेमंद स्रोत नहींब्रुसेल्स/लंदन. यूरोपीय संघ (इयू) की एक अदालत ने वर्ष 2006 में इयू द्वारा लिट्टे पर लगाये गये उन प्रतिबंधों को खारिज कर दिया है, जिसका मकसद आतंकवाद का मुकाबला करना था. हालांकि, कोर्ट ने कहा कि लिट्टे की संपत्तियों के लेन-देन और खरीदने-बेचने पर फिलहाल रोक रहेगी. अमेरिका और कनाडा की ओर से लगाये गये प्रतिबंधों के बाद इयू ने 2006 में लिट्टे को आतंकवादी संगठन घोषित किया था. कोर्ट ने कहा कि भारतीय अधिकारियों को भरोसेमंद स्रोत नहीं माना जा सकता, क्योंकि उन्होंने लिट्टे और श्रीलंका सरकार के बीच के संघर्ष में ‘पूर्वाग्रह से ग्रस्त स्थिति’ अपनायी थी.