हम मजबूर, संधि नहीं तोड़ सकतेएजेंसियां, नयी दिल्लीविदेशों में काला धन जमा करानेवालों के नाम उजागर करने के मामले में वादे से मुकरने के आरोप को खारिज करते हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को कहा कि सरकार ऐसा कोई जोखिम नहीं उठायेगी, जिससे भविष्य में ऐसे मामलों में अन्य देशों से सहयोग मिलने की गुंजाइश धूमिल हो. हम मजबूर हैं, संधि नहीं तोड़ सकते हैं. कहा कि काले धन पर सरकार का रुख ‘जोखिम वाला नहीं, बल्कि दृढ़ निश्चय वाला’ है. जेटली ने अपने फेसबुक पेज पर उक्त बातें लिखी हैं. जेटली ने आगे लिखा है कि इस तरह के रुख से वास्तव में कालाधन रखनेवाले खाताधारकों को ही मदद मिल सकती है. जोखिम लेकर कदम उठाना अदूरदर्शिता होगी. परिपक्व रुख अपनाने से हम मामले की तह तक जा पायेंगे. कथनी और करनी में अंतर : कांग्रेसकांग्रेस ने काले धन के मुद्दे पर राजग सरकार के रुख की आलोचना की है. कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा है कि यह न सिर्फ भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है, बल्कि भारत की जनता के साथ बेइमानी और सरासर पाखंड है. मोदी सरकार का कामकाज भाषण और वास्तविकता तथा करनी और कथनी में अंतर के रूप में परिभाषित है. आम चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने भारतीयों द्वारा विदेशों में बैंकों में रखे गये कालेधन को वापस लाने का वादा किया था. भाजपा ने तब ऐसा नहीं करने के लिए संप्रग सरकार पर भी निशाना साधा था.
काले धन पर बोले अरुण जेटली
हम मजबूर, संधि नहीं तोड़ सकतेएजेंसियां, नयी दिल्लीविदेशों में काला धन जमा करानेवालों के नाम उजागर करने के मामले में वादे से मुकरने के आरोप को खारिज करते हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को कहा कि सरकार ऐसा कोई जोखिम नहीं उठायेगी, जिससे भविष्य में ऐसे मामलों में अन्य देशों से सहयोग मिलने की […]
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