आदिवासी जतरा का आयोजन1 नगाड़ा बजाते विधायक, 2 सरना स्थल में पूजा करते पहान एवं अन्यकूड़ू. सोहराई के मौके पर प्रखंड के विश्रामगढ़ में आदिवासी जतरा का आयोजन किया गया. जतरा में कुडू प्रखंड के छोटकी चांपी, चांपी,कमले, ओपा, सुकु मार, सुंदरु समेत अन्य क्षेत्रों के आदिवासी अखाड़े शामिल हुए. आदिवासी अखाड़ों ने समां बांधे रखा. जतरा के मुख्य अतिथि विधायक कमल किशोर भगत ने कहा कि जतरा झारखंड के रिवाज की पहचान है. आदिवासी पखवारा में जतरा का अहम योगदान है. जनता आपसी भाई चारगी एवं प्रेम बढ़ता है. जतरा मंे धरती माता की पूजा करते हुए सुख-समृद्धि की कामना की जाती है. जतरा एवं आदिवासी परंपरा को बचाने के लिए जोहार नामक कल्याणकारी योजना उतारा गया था. सभा को कई अन्य ने संबोधित किया. जतरा समारोह में पहुंचे विधायक का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया. मांदर की थाप एवं नगाड़े के गूंज सुन विधायक अपने आप को संभाल नहीं सके, नगाड़े उठा लेंगे बजाने एवं आदिवासी गीत पर थिरकने लगे. मौके पर सुंदरु पंचायत मुखिया प्रमिला उरांव, ओमप्रकाश भारती,रमेश बैठा, कलीम खान, बाड़ो देवी, मुनिया उरांव, वीणा देवी, विजय उरांव, प्रभा देवी, देवी पहान, कबीर अंसारी, विरेंद्र प्रसाद, कुश कुमार समेत अन्य मौजूद थे.
लीड..जतरा आदिवासियों की पहचान
आदिवासी जतरा का आयोजन1 नगाड़ा बजाते विधायक, 2 सरना स्थल में पूजा करते पहान एवं अन्यकूड़ू. सोहराई के मौके पर प्रखंड के विश्रामगढ़ में आदिवासी जतरा का आयोजन किया गया. जतरा में कुडू प्रखंड के छोटकी चांपी, चांपी,कमले, ओपा, सुकु मार, सुंदरु समेत अन्य क्षेत्रों के आदिवासी अखाड़े शामिल हुए. आदिवासी अखाड़ों ने समां बांधे […]
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