मृतकों की संख्या बढकर 11 हुईएजेंसियां, बिलासपुर/रायपुरछत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में नसबंदी के बाद तबीयत बिगड़ने से हुई मौतों का सिलसिला जारी है. इस घटना में अब मृतकों की संख्या 11 हो गयी है. करीब 60 महिलाओं को विभिन्न अस्पतालों में भरती कराया गया है, जिनमें कई की स्थिति नाजुक बतायी जा रही है. ग्रामीणों का आरोप है कि शिविर में मौजूद एक मात्र डॉक्टर अपने सहयोगी के साथ छह घंटे में 83 महिलाओं का ऑपरेशन किया. जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिये हैं. मुख्यमंत्री रमन सिंह ने लापरवाही बरतनेवाले स्वास्थ्य विभाग के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. चारों के खिलाफ एफआइआर भी दर्ज करायी जायेगी. वहीं, संचालक स्वास्थ्य सेवाओं डॉक्टर कमलप्रीत को हटा दिया गया है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का भी गठन किया गया है. समिति में स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक, एक महिला डॉक्टर और एक नसबंदी विशेषज्ञ सर्जन शामिल हैं.राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये तथा बीमार महिलाओं को 50-50 हजार रुपये सहायता देने का फैसला किया है. इधर, प्रधानमंत्री मोदी ने सीएम रमन सिंह से बात कर पूरे मामले में गहन जांच व कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा. बिलासपुर के कलेक्टर सिद्धार्थ कोमल परेदशी ने मंगलवार को बताया कि मृत महिलाओं में से एक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण हाइपोवॉलूमिक शॉक या सेप्टिक बताया जा रहा है. रविवार-सोमवार की रात करीब आठ महिलाओं ने दम तोड़ दिया था, जबकि तीन महिलओं की मौत मंगलवार को हो गयी.
नसबंदी के बाद हालत बिगड़ी
मृतकों की संख्या बढकर 11 हुईएजेंसियां, बिलासपुर/रायपुरछत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में नसबंदी के बाद तबीयत बिगड़ने से हुई मौतों का सिलसिला जारी है. इस घटना में अब मृतकों की संख्या 11 हो गयी है. करीब 60 महिलाओं को विभिन्न अस्पतालों में भरती कराया गया है, जिनमें कई की स्थिति नाजुक बतायी जा रही है. ग्रामीणों […]
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है