धर्मसमाजी को प्रार्थनाशील व्यक्ति के रूप में जानें : मास्करेन्हास

फोटो सुनील – कांफ्रेंस ऑफ रिलीजियस इंडिया के राष्ट्रीय सम्मेलन का दूसरा दिनसंवाददाता रांची कांफ्रेंस ऑफ रिलीजियस इंडिया (सीआरआइ) राष्ट्रीय सम्मेलन में शुक्रवार को ऑग्जीलरी बिशप थियोडोर मास्करेन्हास ने कहा कि धर्मसमाजियों को यीशु का अनुसरण करना है. वे ईश्वर की इच्छा पूरी करने के लिए आये हैं. लोग हमें प्रार्थना करने वाले व्यक्ति के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 21, 2014 8:02 PM

फोटो सुनील – कांफ्रेंस ऑफ रिलीजियस इंडिया के राष्ट्रीय सम्मेलन का दूसरा दिनसंवाददाता रांची कांफ्रेंस ऑफ रिलीजियस इंडिया (सीआरआइ) राष्ट्रीय सम्मेलन में शुक्रवार को ऑग्जीलरी बिशप थियोडोर मास्करेन्हास ने कहा कि धर्मसमाजियों को यीशु का अनुसरण करना है. वे ईश्वर की इच्छा पूरी करने के लिए आये हैं. लोग हमें प्रार्थना करने वाले व्यक्ति के रूप में जानें. कलीसिया एक चिह्न व संस्कार है. उन्होंने कहा कि धर्मसमाजियों की तीन मन्नत- शुद्धता, दरिद्रता व आज्ञाकारिता में आज्ञाकारिता सबसे कठिन है. हमें स्मरण रखना है कि ईश्वर की अच्छा परम अधिकारी में प्रकट होती है. ईश्वर व लोगों के प्रति हमारा प्रेम हमारे कायार्ें से प्रकट हो. इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएम थॉमस, फादर जॉन मन्नथ एसडीबी, ऑग्जीलरी बिशप तेलेस्फोर बिलुंग मौजूद थे. आयोजन संत अन्ना जेनरलेट, सामलौंग में किया गया है.