सरकार की अपील याचिका पर आंशिक सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई 11 दिसंबर को होगीमामला सेल के माइनिंग कार्य शुरू करने कारांची. झारखंड हाइकोर्ट में मंगलवार को सेल के माइनिंग लीज मामले में दिये गये एकल पीठ के आदेश को चुनौती देनेवाली राज्य सरकार की अपील याचिका पर सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस वीरेंदर सिंह व जस्टिस डीएन पटेल की खंडपीठ ने मामले […]
मामले की अगली सुनवाई 11 दिसंबर को होगीमामला सेल के माइनिंग कार्य शुरू करने कारांची. झारखंड हाइकोर्ट में मंगलवार को सेल के माइनिंग लीज मामले में दिये गये एकल पीठ के आदेश को चुनौती देनेवाली राज्य सरकार की अपील याचिका पर सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस वीरेंदर सिंह व जस्टिस डीएन पटेल की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए विस्तृत सुनवाई के लिए 11 दिसंबर की तिथि निर्धारित की. उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की ओर से अपील याचिका दायर कर एकल पीठ द्वारा 13 नवंबर को पारित अंतरिम आदेश को चुनौती दी गयी है. उस अंतरिम आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार एक सप्ताह में लीज नवीकरण करे, अन्यथा प्रार्थी खनन कार्य शुरू करने के लिए स्वतंत्र होगा.यह है मामलाकोर्ट के आदेश के आलोक में सेल द्वारा माइनिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है. पूर्व में सरकार की अनुशंसा पर पश्चिमी सिंहभूम के गुआ स्थित दुर्गाइबरु में 1445.756 हेक्टेयर भूमि पर आयरन ओर की माइंस सेल को दी गयी थी. उक्त माइंस 22.2.1949 को 30 वर्ष के लिए सेल को लीज पर दी गयी थी. लीज की अवधि 22.2.1979 में समाप्त हो गयी. दोबारा नवीनीकरण किया गया, जो फरवरी 2009 में समाप्त हो गया. इसके पहले ही फरवरी 2008 में सेल ने लीज नवीनीकरण के लिए आवेदन दिया, लेकिन नवीनीकरण नहीं किया गया. इस बीच केंद्र सरकार द्वारा एमएमडीआर एक्ट में संशोधन कर दिया गया. पहले नियम था कि आवेदन लंबित रहने की स्थिति में उसे डिम्ड एक्सटेंशन माना जायेगा. संशोधित कर यह कहा गया कि यह डिम्ड एक्सटेंशन सिर्फ पहले नवीनीकरण पर लागू होगा. इसके बाद राज्य सरकार ने 3.9.2014 व 4.9.2014 को लीज समाप्त कर दी. इस संबंध में दायर याचिका पर हाइकोर्ट में सुनवाई चल रही है.
