इंट्रो : झारखंड में पिछले 14 वर्षों में सरकार बनाने-बिगाड़ने का ही खेल चलता रहा. अराजक राजनीति हावी रही. चार से पांच लोगों (विधायकों) के कुनबे ने अपने हिसाब से सरकार बनाया और गिराया. झारखंड की सत्ता को चंद निर्दलीयों ने अपने हिसाब से हांका. 10 दिन में सरकार गिरी, तो निर्दलीय भी मुख्यमंत्री बने. पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी को 28 महीने में कुरसी से हटाया गया. झारखंड की राजनीति में कदम-कदम पर मोल-भाव हुए. झारखंड में एक -दो राजनीतिक दल को छोड़ दें, तो पूरी जमात सत्ता हासिल करने के लिए परेशान रही. भाजपा, कांग्रेस, झामुमो, आजसू, राजद, जदयू बारी-बारी से सत्ता में रहे. विपक्ष निष्प्रभावी रहा. झारखंड में सरकार बनने और फिर गिरने के घटनाक्रम पर आधारित आनंद मोहन की यह रिपोर्ट.
कैसे बनती-बिगड़ती रही सरकार.... इंट्रो
इंट्रो : झारखंड में पिछले 14 वर्षों में सरकार बनाने-बिगाड़ने का ही खेल चलता रहा. अराजक राजनीति हावी रही. चार से पांच लोगों (विधायकों) के कुनबे ने अपने हिसाब से सरकार बनाया और गिराया. झारखंड की सत्ता को चंद निर्दलीयों ने अपने हिसाब से हांका. 10 दिन में सरकार गिरी, तो निर्दलीय भी मुख्यमंत्री बने. […]
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