एजेंसियां, लंदन आइएसआइएस से अब ‘विदेशी जिहादियों’ का मोहभंग होने लगा है. मोहभंग के चलते सीरिया छोड़ कर भागने की कोशिश कर रहे करीब 100 विदेशी लड़ाकों की आइएस आतंकियों ने हत्या कर दी है. यह घटना सीरिया के उत्तरी इलाके के शहर रक्का की है. ब्रिटिश अखबार फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, लड़ाकों को लग रहा था कि संगठन का सबसे ज्यादा काम भी वही करते हैं और उन्हें ही मरना पड़ता है.एक सामाजिक कार्यकर्ता के हवाले से अखबार ने लिखा है, आइएस ने करीब 100 ऐसा लड़ाकों की पहचान की जो भागने की कोशिश में थे. इसके बाद इनकी हत्या कर दी गयी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आतंकी संगठन ने एक मिलिट्री पुलिस का भी गठन किया है, जो कथित तौर पर बनाये गये इसलामिक स्टेट के आदेश का पालन न करने वालों को दंड देती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि दो महीने पहले यूरोपीय देशों के 12 लड़ाके वापस घर लौटना चाहते थे. इनको आइएस आतंकियों ने कैद कर लिया. ड्यूटी पर न आने वालों पर कार्रवाई आइएसआइएस ने हाल ही में ड्यूटा पर न आनेेवाले करीब 400 लड़ाकों को गिरफ्तार किया है. इन पर आरोप है कि नये नियम बनने के बावजूद इन लोगों ने अपने आकाओं को 48 घंटे के अंदर रिपोर्ट नहीं किया. नये कानून के मुताबिक, आइएस आतंकियों को अब इस बात के दस्तावेज साथ रखने होंगे कि वे लड़ाके हैं. इन्हीं दस्तावेजों से यह भी पता चलना चाहिए कि वे किस मिशन पर लगाये गये हैं.
आइएस ने 100 विदेशी जिहादियों को मार डाला
एजेंसियां, लंदन आइएसआइएस से अब ‘विदेशी जिहादियों’ का मोहभंग होने लगा है. मोहभंग के चलते सीरिया छोड़ कर भागने की कोशिश कर रहे करीब 100 विदेशी लड़ाकों की आइएस आतंकियों ने हत्या कर दी है. यह घटना सीरिया के उत्तरी इलाके के शहर रक्का की है. ब्रिटिश अखबार फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, लड़ाकों […]
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