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‘समरुप राष्ट्र’ का विचार समस्याएं पैदा करता है: हामिद अंसारी

नयी दिल्ली. संघ परिवार के हिंदुवादी एजेंडे के मुद्दे पर चल रहे विवाद के बीच उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने रविवार को आस्था एवं इतिहास के घालमेल और देश में 4,600 से ज्यादा समुदायों की मौजूदगी के बीच ‘एक ही प्रकार की’ पहचान के प्रचार के खिलाफ आगाह किया. अंसारी ने कहा कि ‘समरुप राष्ट्र’ […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 28, 2014 8:02 PM

नयी दिल्ली. संघ परिवार के हिंदुवादी एजेंडे के मुद्दे पर चल रहे विवाद के बीच उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने रविवार को आस्था एवं इतिहास के घालमेल और देश में 4,600 से ज्यादा समुदायों की मौजूदगी के बीच ‘एक ही प्रकार की’ पहचान के प्रचार के खिलाफ आगाह किया. अंसारी ने कहा कि ‘समरुप राष्ट्र’ का विचार ही समस्याएं पैदा करता है. भारतीय इतिहास कांग्रेस के 75वें सत्र का उद्घाटन करते हुए अंसारी ने कहा,’भारतीय मानव-शास्त्र सर्वेक्षण के मुताबिक हमारे देश में 4,635 समुदाय हैं. इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय पहचान बनाने में सभी समुदायों का ख्याल रखने की जरूरत है. आधुनिक समय में वैश्विक परिदृश्य में जटिलताएं और तनाव हैं. हम राष्ट्र राज्यों की दुनिया में रहते हैं, लेकिन समरूप राष्ट्र का विचार समस्याएं पैदा करता है. आज सबसे समरुप समाजों में भी विविधताओं की पहचान होती है.’

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