त्रओबामा ने जवानों की तारीफ कीएजेंसियां, वाशिंगटनअमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि अमेरिकी इतिहास का सबसे लंबा युद्ध अफगानिस्तान से अमेरिका और नाटो के बलों की वापसी के साथ अपने सही नतीजे तक पहुंच रहा है. लेकिन, अफगानिस्तान अब भी खतरनाक जगह बना हुआ है. अफगानिस्तान में 13 साल तक चला नाटो का संघर्ष रविवार को काबुल में झंडा नीचे करने के समारोह के साथ औपचारिक तौर पर समाप्त हो गया और सुरक्षा की जिम्मेदारी अमेरिका नीत जवानों से अफगान सुरक्षा बलों पर आ गयी. अमेरिका में 9/11 के बाद तालिबान को सत्ता से उखाड़ फेंकने के मकसद से 13 साल पहले अमेरिकी बल काबुल पहुंचे थे. अफगानिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ जंग में करीब 2,200 अमेरिकी जवान अपनी जान गंवा चुके हैं.ओबामा ने कहा कि इन 13 साल में अमेरिकी जवानों ने अल-कायदा नेतृत्व की जड़ों पर चोट की, ओसामा बिन-लादेन के खिलाफ कार्रवाई की, आतंकवादी साजिशों को बाधित किया और अनगिनत अमेरिकियों की जान बचायी. एक जनवरी से अफगानिस्तान में अमेरिका नीत अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल (आइएसएएफ) मिशन की जगह नाटो का प्रशिक्षण और समर्थन मिशन ले लेगा.काबुल के साथ द्विपक्षीय समझौते के तहत करीब 12,500 विदेशी जवान अफगानिस्तान में तैनात रहेंगे. वे सीधे संघर्ष में हिस्सा नहीं लेंगे. लेकिन, तालिबान के खिलाफ अफगान सेना और पुलिस के अभियान में उनकी मदद करेंगे. देश में 1996 से 2001 तक तालिबान ने शासन किया था.कोट”हम सुरक्षित हैं और अफगानिस्तान में काम करनेवाले और खुफिया कार्यकर्ताओं की वजह से हमारा देश ज्यादा सुरक्षित है.बराक ओबामा, राष्ट्रपति, अमेरिका
अफगानिस्तान में अमेरिकी अभियान समाप्त
त्रओबामा ने जवानों की तारीफ कीएजेंसियां, वाशिंगटनअमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि अमेरिकी इतिहास का सबसे लंबा युद्ध अफगानिस्तान से अमेरिका और नाटो के बलों की वापसी के साथ अपने सही नतीजे तक पहुंच रहा है. लेकिन, अफगानिस्तान अब भी खतरनाक जगह बना हुआ है. अफगानिस्तान में 13 साल तक चला नाटो […]
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