फोटो 5. जुलूस निकालते लोग.खंूटी. अखिल भारतीय आदिवासी महासभा ने अपनी मांगों के समर्थन में गुरुवार को कचहरी मैदान में सभा की. मौके पर दामु मुंडा ने कहा कि सीएनटी पूर्वजों की आत्मा है. बिरसा मुंडा, बुधु भगत, पांडेय गणपत व शेख भिखारी जैसे झारखंड के शहीदों ने ब्रिटिश हुकूमत से झारखंडी अस्मिता को बचाने के लिये संघर्ष किया था, उसी का प्रतिफल है यह कानून. 1908 में बने सीएनटी कानून को मूल स्वरूप में सख्ती से लागू किया जाना चाहिए. छेड़छाड़ हुई, तो एक और उलगुलान होगा. सोमा मुंडा, चैतन मुंडा, बिरसा मुंडा, चोन्हास खलखो व एम मुंडा ने कहा कि सीएनटी एक्ट में संशोधन हुआ, तो क्षेत्र में आंदोलन होगा. इससे पूर्व सीएनटी एक्ट को कड़ाई से लागू करने व संशोधन नहीं करने को लेकर जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. इसके बाद उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया.
सीएनटी एक्ट पूर्वजों की आत्मा : दामु मुंडा......ओके
फोटो 5. जुलूस निकालते लोग.खंूटी. अखिल भारतीय आदिवासी महासभा ने अपनी मांगों के समर्थन में गुरुवार को कचहरी मैदान में सभा की. मौके पर दामु मुंडा ने कहा कि सीएनटी पूर्वजों की आत्मा है. बिरसा मुंडा, बुधु भगत, पांडेय गणपत व शेख भिखारी जैसे झारखंड के शहीदों ने ब्रिटिश हुकूमत से झारखंडी अस्मिता को बचाने […]
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