पत्नी का पब जाना तलाक का आधार नहीं : बंबई हाइकोर्ट
मुंबई. बंबई हाइकोर्ट ने एक व्यक्ति को क्रूरता के आधार पर तलाक देने से इनकार कर दिया. इस व्यक्ति ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी अपने बच्चे को देखभाल के लिए नौकरानी के पास छोड़ कर अक्सर पब जाती है. उसका तथा उसके माता-पिता का अक्सर अपमान करती है. न्यायमूर्ति विजय ताहिलरमानी और न्यायमूर्ति […]
मुंबई. बंबई हाइकोर्ट ने एक व्यक्ति को क्रूरता के आधार पर तलाक देने से इनकार कर दिया. इस व्यक्ति ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी अपने बच्चे को देखभाल के लिए नौकरानी के पास छोड़ कर अक्सर पब जाती है. उसका तथा उसके माता-पिता का अक्सर अपमान करती है. न्यायमूर्ति विजय ताहिलरमानी और न्यायमूर्ति अनिल मेनन की खंडपीठ ने हाल में परिवार अदालत के आदेश को बरकरार रखा, जिसने इस व्यक्ति को तलाक देने से मना कर दिया था. अदालत ने कहा था कि उसकी पत्नी की तरफ से इस तरह का व्यवहार क्रूरता नहीं है. पीठ ने इस व्यक्ति द्वारा दायर अपील पर सुनवाई करते हुए कहा, ‘हमारे नजरिये में, परिवार अदालत ने सबूतों को समझा और वह सही ठहराने योग्य इस निष्कर्ष पर पहुंची कि अपीलकर्ता (पति) यह साबित करने में नाकाम रहा कि प्रतिवादी (पत्नी) ने उसके साथ क्रूरतापूर्ण व्यवहार किया.’