फर्रुखाबाद. केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने कहा है कि पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के संरक्षण में उनकी पत्नी द्वारा संचालित जाकिर हुसैन ट्रस्ट द्वारा विकलांगता निवारण शिविरों में केंद्र द्वारा दिये गये 71 लाख रुपये की राशि में हुए कथित घोटाले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) को सौंपी ही गयी है. गहलोत ने यहां विकलांगों को उपकरण बांटने के एक शिविर में कहा कि इस फर्जीवाड़े को लेकर मिले तथ्यों के आधार पर उत्तर प्रदेश सरकार तथा विभिन्न जिलों के अधिकारियों ने केंद्र की आर्थिक अपराध शाखा की प्रारंभिक जांच में स्पष्ट कहा है कि उनके हस्ताक्षरों द्वारा कथित रूप से जारी किये गये पत्र फरजी हैं और हस्ताक्षर उनके नहीं हैं. इसी आधार पर जांच सीबीआइ को सौंपी गयी है. जांच में दोषी पाये जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के बाद कठोर दंड दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने विकलांग बच्चों को छात्रवृत्ति देने का फैसला किया है. साथ ही अनुसूचित जाति के छात्रों को छात्रवृत्तियां दी जायेंगी. मैला ढोने वाले सफाईकर्मियों को भी उनके पुनर्वास के लिए छह महीने तक 40 हजार रुपये मासिक की दर से आर्थिक सहायता दी जायेगी.
घोटाले की जांच करेगी सीबीआइ
फर्रुखाबाद. केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने कहा है कि पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के संरक्षण में उनकी पत्नी द्वारा संचालित जाकिर हुसैन ट्रस्ट द्वारा विकलांगता निवारण शिविरों में केंद्र द्वारा दिये गये 71 लाख रुपये की राशि में हुए कथित घोटाले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) को सौंपी […]
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