डोकाद हत्याकांड मामले में मास्टर माइंड समेत तीन गिरफ्तार

रांची : डोकाद में गत एक जनवरी को हुई अभिमन्यु महतो की हत्या और चार जनवरी को जारीडीह में हुई वासुदेव महतो की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार लोगों में डोकाद गांव निवासी केशव महतो, चितरंजन महतो और भागीरथ महतो शामिल हैं. तीनों आपस में रिश्तेदार भी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
रांची : डोकाद में गत एक जनवरी को हुई अभिमन्यु महतो की हत्या और चार जनवरी को जारीडीह में हुई वासुदेव महतो की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार लोगों में डोकाद गांव निवासी केशव महतो, चितरंजन महतो और भागीरथ महतो शामिल हैं. तीनों आपस में रिश्तेदार भी हैं. पुलिस ने एक टांगी भी बरामद की है. दोनों की हत्या जमीन विवाद को लेकर हुई थी.
रविवार को एसएसपी प्रभात कुमार और सिटी एसपी अनूप बिरथरे ने संयुक्त रूप से बताया कि विवादित जमीन पर अभिमन्यु महतो और साधु चरण का कब्जा था. उस जमीन पर केशव महतो भी कब्जा करना चाहता था. जब उसे सफलता नहीं मिली, तब उसने अपने भाई चितरंजन महतो और चचेरा भाई भागीरथ महतो से विचार- विमर्श किया. फिर, तीनों ने मोतीलाल मुंडा से संपर्क किया. उसके माध्यम से उनका संपर्क नक्सलियों हुआ. गत 31 दिसंबर रात नक्सली केशव महतो के घर पहुंचे.
वहां नक्सलियों के साथ केशव के अलावा उसके दोनों भाई भी शामिल थे. बैठक में ही अभिमन्यु, वासुदेव व अन्य तीन लोगों की हत्या की साजिश रची गयी. पांच लोगों की हत्याके लिए चार लाख में सुपारी तय हुई. इसके बाद नक्सली केशव महतो से एक लाख रुपये एडवांस लेकर वहां से चले गये.
एक जनवरी को फिर नक्सलियों की मुलाकात केशव महतो से लोहरा टोला में हुई. वहां केशव ने फिर नक्सलियों को एक लाख रुपये दिये. वहीं पर अभिमन्यु की हत्या की अंतिम तैयारी हुई. योजना थी कि जब अभिमन्यु मेला से शाम को घर लौटेगा. तब उसके आगे-आगे बाइक से चितरंजन और भागीरथ महतो रहेंगे.
उसे भी नक्सली रोकेंगे. जब दोनों अभिमन्यु की पहचान करेंगे, तब अभिमन्यु की हत्या नक्सलियों द्वारा कर दी जायेगी. इसके बाद केशव योजना तैयार कर गोमदा मोड़ पर अभिमन्यु के लौटने का इंतजार करने लगा. जैसे ही केशव ने अभिमन्यु को देखा, उसने चितरंजन और भागीरथ को बाइक से अभिमन्यु के आगे भेजा दिया. दोनों के इशारे पर नक्सलियों ने अभिमन्यु की गोली मार कर हत्या कर दी. उसके बाद वासुदेव महतो का घर मोतीलाल मुंडा ने नक्सलियों को दिखाया, जिसके बाद नक्सलियों ने वासुदेव महतो की भी हत्या कर दी.
गिरफ्तार तीनों भाइयों ने बताया कि जिन तीन अन्य लोगों की हत्या की जानी थी, उनकी हत्या के लिए उनके पास अभी नक्सलियों को देने के लिए दो लाख रुपये नहीं थे. बकाया दो लाख देने के बाद ही नक्सली अन्य तीन लोगों की हत्या करते. उल्लेखनीय है गत 15 जनवरी को हत्याकांड में शामिल होने के आरोपी में पुलिस ने चौकीदार मोतीलाल मुंडा को गिरफ्तार किया था. जिसने अपने स्वीकारोक्ति बयान में तीनों भाइयों द्वारा हत्या की योजना तैयार किये जाने की जानकारी पुलिस को दी थी.
1989 से चल रहा था जमीन का विवाद
एसएसपी ने बताया कि अभिमन्यु महतो के साथ जमीन विवाद वर्ष 1989 से ही चल रहा है. जमीन विवाद में कई वर्ष पूर्व अभिमन्यु महतो के एक भाई की हत्या हो चुकी है. घटना में शामिल पांच लोग वर्तमान में जेल गये थे, जो सजा काट कर बाहर आ चुके हैं, सभी आजसू के समर्थक हैं. उनके वापस आने के बाद जमीन का मामला फिर से गरमाया था. एसएसपी के अनुसार अभिमन्यु महतो के भाई की हत्या के मामले में एक नक्सली वर्तमान में जेल में है. उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जायेगी.
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