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सचिव या प्रधान सचिव को बनायें प्रबंध निदेशक

रांची: केंद्र ने राज्य सरकार को पत्र लिख कर एक सुझाव दिया है कि सचिव या प्रधान सचिव स्तर के अधिकारी को ही राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) का अभियान निदेशक (एमडी) बनाया जाये. यह सुझाव एनआरएचएम के महत्व तथा इसके बढ़ते बजट व कार्यक्रम के मद्देनजर दिया गया है. प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरीSpies […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 2, 2013 6:36 AM

रांची: केंद्र ने राज्य सरकार को पत्र लिख कर एक सुझाव दिया है कि सचिव या प्रधान सचिव स्तर के अधिकारी को ही राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) का अभियान निदेशक (एमडी) बनाया जाये. यह सुझाव एनआरएचएम के महत्व तथा इसके बढ़ते बजट व कार्यक्रम के मद्देनजर दिया गया है.

सूत्रों के अनुसार इसी वर्ष से शहरी गरीबों के लिए एनयूएचएम शुरू किया जाना है. इन दोनों का संचालन व मूल्यांकन वर्तमान एनआरएचएम सिस्टम के तहत ही होना है. इस वर्ष एनआरएचएम का बजट लगभग 765 करोड़ है.

वर्ष 2005 में एनआरएचएम की शुरुआत के बाद से अब तक किसी वित्तीय वर्ष में बजट का पूरा पैसा खर्च नहीं हो सका है. वर्तमान व निवर्तमान अभियान निदेशक दोनों उपायुक्त स्तर के अधिकारी रहे हैं. निवर्तमान एमडी अबुबकर सिद्दीक का कार्यकाल भी बमुश्किल आठ माह रहा. वर्तमान एमडी मनीष रंजन ने दो माह पहले ही काम संभाला है. कार्यकाल पूरा होने से पहले एमडी का बदलना कार्यक्रम पर भारी पड़ता है.

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