रांची: बांग्लादेश के नकली नोट के कारोबारियों के तार रांची के कई लोगों से जुड़े हैं. जिन लोगों से नकली नोट के कारोबार करनेवाले लोग जुड़े हुए हैं, उनमें से एक नाम रांची का रहनेवाला बंगाली दादा का भी है. बंगाली दादा के अलावा रातू रोड का रहने वाला एक अन्य युवक भी नकली नोट के कारोबार से जुड़ा हुआ है.
उसके नाम के बारे सत्यापन चल रहा है. दोनों पश्चिम बंगाल के मालदा में रहनेवाले नकली नोट के कारोबार से जुड़े लोगों से संपर्क रखते हैं. इसके बाद रांची में बांग्लादेश से नकली नोट मंगवाते हैं. रांची से ही झारखंड के विभिन्न स्थानों पर नकली नोटों की सप्लाई होती है.
इस बात का खुलासा पुलिस की जांच में हुआ है. जांच में पुलिस को इस बात की भी जानकारी मिली कि इस कारोबार में झारखंड के कुछ और लोग भी जुड़े हुए हैं. उल्लेखनीय है कि अब तक रांची के विभिन्न थानों में वर्ष 2010 के आरंभ से लेकर फरवरी, 2015 के अंत तक नकली नोट से संबंधित 15 मामले दर्ज हो चुके हैं. पुलिस कुछ कारोबारियों के पास से लाखों रुपये की नकली नोट बरामद कर चुकी है. अभी हाल में ही तीन फरवरी, 2015 को बिंदु नाथ मंडल (पश्चिम बंगाल) चुटिया थाना क्षेत्र से एक लाख रुपये नकली नोट के साथ गिरफ्तार हुआ था. उसने भी पूछताछ में रांची में रहने वाले बंगाली दादा के बारे में पुलिस को जानकारी दी थी.
एजेंट को रांची आने पर मिलते हैं तीन हजार
पुलिस की जांच के दौरान पता चला है कि नकली नोट के कारोबार से जुड़े लोग एजेंट रखते हैं. गिरोह में करीब आधे दर्जन एजेंट हैं. पश्चिम बंगाल के मालदा के समीप रहने वाले वैसे लोग, जिनका संपर्क बांग्लादेश से नकली नोटों का सप्लाइ करनेवालों से है, वे नकली नोट रांची पहुंचाने के एवज में एजेंट को तीन हजार रुपये देते हैं. पुलिस को यह भी पता चला है कि एक लाख नकली नोट के बदले करीब 38 से 40 हजार असली रुपये लिये जाते हैं.