शहीद प्रदीप मिर्धा की पहली बरसी मनायी गयी
नहीं आये प्रशासन के लोगपिस्कानगड़ी. नक्सली हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवान प्रखंड के कुटे निवासी हवलदार प्रदीप कुमार मिर्धा की पहली बरसी बुधवार को मनायी गयी. उनके घर में पत्नी और पिता ने शहीद के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. पहली बरसी पर प्रशासन के किसी अधिकारी यहां तक की सीआरपीएफ […]
नहीं आये प्रशासन के लोगपिस्कानगड़ी. नक्सली हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवान प्रखंड के कुटे निवासी हवलदार प्रदीप कुमार मिर्धा की पहली बरसी बुधवार को मनायी गयी. उनके घर में पत्नी और पिता ने शहीद के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. पहली बरसी पर प्रशासन के किसी अधिकारी यहां तक की सीआरपीएफ के कोई पदाधिकारी भी शामिल नहीं हुए. इससे परिवार के लोग नाराज दिखे. शहीद की पत्नी आशा रानी ने कहा कि एक वर्ष बीत जाने के बाद भी परिवार की सुधि लेने कोई नहीं आया. तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा था कि उन्हें सभी सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेंगी. जनता दरबार में मुख्यमंत्री रघुवर दास से मिल कर उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया था. बात करने का आश्वासन मिला था, लेकिन अब तक कोई बुलावा नहीं आया है. शहीद प्रदीप कुमार मिर्धा के परिवार में पत्नी आशा रानी, चार बच्चियां पम्मी (14), प्रिया (11), प्राची (9) व छह महीने की सृष्टि सहित वृद्घ माता-पिता हैं.