वेल में घुसे, पटकी कुरसी, भूमि अधिग्रहण बिल पर विपक्ष का हंगामा, कार्यवाही बाधित

विधानसभा : भूमि अधिग्रहण बिल पर विपक्ष का हंगामा, कार्यवाही बाधित रांची : केंद्र के भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ शुक्रवार को विधानसभा में जोरदार हंगामा हुआ. पहली पारी की कार्यवाही नहीं चली. हंगामे के कारण कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी. झामुमो व कांग्रेस के विधायक वेल में घुस आये. रिपोर्टर की कुरसी सामने […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
विधानसभा : भूमि अधिग्रहण बिल पर विपक्ष का हंगामा, कार्यवाही बाधित
रांची : केंद्र के भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ शुक्रवार को विधानसभा में जोरदार हंगामा हुआ. पहली पारी की कार्यवाही नहीं चली. हंगामे के कारण कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी. झामुमो व कांग्रेस के विधायक वेल में घुस आये. रिपोर्टर की कुरसी सामने पड़े मेज पर पटक दी. विपक्ष के विधायक स्पीकर की बातें सुनने को तैयार नहीं थे. हंगामा के बीच राजस्व व भूमि सुधार मंत्री अमर कुमार बाउरी ने किसी तरह अनुदान मांग सदन में रखी. तीन मिनट में पेश करने की औपचारिकता पूरी की गयी.
स्टीफन ने लाया कार्यस्थगन का प्रस्ताव : सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी विधायक स्टीफन मरांडी ने भूमि अधिग्रहण अध्यादेश पर कार्यस्थगन का प्रस्ताव लाया व अध्यादेश वापस लेने की मांग की. कार्यस्थगन पर स्पीकर दिनेश उरांव कुछ कहते, इससे पहले झामुमो व कांग्रेस के विधायक वेल में आ गये. सदन में ही विपक्ष भूमि अधिग्रहण बिल वापस लो, काला कानून नहीं चलेगा, गरीबों की जमीन लूटना बंद करो, जान देंगे जमीन नहीं के नारे लगाते रहे. स्पीकर दिनेश उरांव विधायकों को अपनी सीट पर जाने का आग्रह बार-बार करते रहे, पर वे नहीं माने.
बंद करायी रिकॉर्डिग
विपक्ष के हंगामे के बीच स्पीकर ने उनसे कहा : पहले आप मेरी बात सुन लीजिए. संसदीय कार्य मंत्री सरयू राय का कहना था कि कार्यस्थगन नियमावली के अनुरूप रखें. वेल में आ जाने से कार्यस्थगन पर बात नहीं हो पायी. उन्होंने कहा कि सरकार बहस के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष की मंशा सदन चलने देने की नहीं है. सदन नियमावली से चलेगी. हो-हल्ला नहीं थमा, तो स्पीकर ने सदन में कार्यवाही की रिकॉर्डिग बंद करने का आदेश दिया.
नेता प्रतिपक्ष ने रखी बात
हंगामा नहीं रुकने पर स्पीकर ने प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन से इसे शांत कराने और बोलने का आग्रह किया. हेमंत सोरेन ने कहा : विपक्ष ने संवेदनशील मुद्दा कार्यस्थगन के माध्यम से लाया है. केंद्र सरकार भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के माध्यम से गरीबों का गला घोट रही है. गरीब, किसान, निरीह लोगों के खिलाफ काम हो रहा है. सदन चलाने में हमारा हमेशा सहयोग रहा. मुख्यमंत्री अपनी खामोशी तोड़ें. केंद्र ने कानून लागू करना राज्यों पर छोड़ा है. मुख्यमंत्री घोषणा करें कि राज्य में यह कानून लागू नहीं होगा.
वाद-विवाद के बाद भी नहीं थमा हंगामा
इस बीच सरयू राय ने कहा कि पहले सदन तो ऑर्डर में आये. भारत सरकार ने चुनौती दी है कि वह इस अध्यादेश पर बहस के लिए तैयार है. सत्ताधारी दल लकीर का फकीर नहीं है. कई संशोधन हुए हैं. विधेयक अभी कानून नहीं बना है. सीपी सिंह ने कहा : प्रतिपक्ष के नेता बोल रहे थे, तो विपक्ष के लोग चुप थे. हम बोलते हैं, तो हल्ला करते हैं. काला कानून, काला कानून कह रहे हैं, बताएं कि काला कानून क्या है.
वाद-विवाद के बाद भी हंगामा नहीं थमा. इसके बाद स्पीकर ने 10.20 बजे सदन की कार्यवाही 10.45 तक के लिए स्थगित कर दी. दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य फिर वेल में आ कर बैठक गये. नारेबाजी नहीं थम रही थी. स्पीकर ने 10.53 बजे सदन की कार्यवाही दूसरी बार 12.20 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. सदन की कार्यवाही तीसरी बार शुरू हुई, तो हो-हल्ला के बीच मंत्री अमर कुमार बाउरी ने भू-राजस्व विभाग का अनुदान मांग सभा पटल पर रखा.
विरंची ने सदन में मोदी जिंदाबाद के लगाये नारे
विपक्ष के हो-हल्ला के बीच सत्ता पक्ष के विधायक विरंची नारायण अचानक उठे. उन्होंने नरेंद्र मोदी जिंदाबाद का नारा लगाया. सत्ता पक्ष के विधायकों के टोकने के बाद उन्होंने नारा लगाना बंद कर दिया.
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